मुंबई: गणेशोत्सव 2025 का सबसे बड़ा आकर्षण लालबाग के राजा का विसर्जन यात्रा शनिवार सुबह भव्य जुलूस के साथ शुरू हुआ। मुंबई के लालबाग इलाके से शुरू हुई यह यात्रा 24 घंटे तक चलती है और हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक जुलूस में शामिल होकर बप्पा को विदाई देते हैं।
मुंबई की सबसे लंबी विसर्जन यात्रा
लालबाग के राजा का विसर्जन जुलूस न सिर्फ मुंबई बल्कि पूरे देश में प्रसिद्ध है। यह यात्रा लगभग 24 घंटे तक चलती है और पूरी मुंबई इसकी गवाह बनती है। इस दौरान भक्त “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारे लगाते हुए प्रतिमा के साथ चलते हैं।
सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम
मुंबई पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। जुलूस मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और हजारों की संख्या में पुलिस बल तैनात है। साथ ही मेडिकल टीम और एनडीआरएफ की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
भक्तों का जनसैलाब
लालबाग के राजा को “मन्नतों के राजा” कहा जाता है। यही वजह है कि प्रतिमा के दर्शन और विसर्जन यात्रा में दूर-दूर से भक्त शामिल होते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां की गई मन्नतें जरूर पूरी होती हैं।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने इस साल विशेष तौर पर पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान दिया है। विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाबों और पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाओं का उपयोग किया जा रहा है ताकि समुद्र और नदियों को प्रदूषण से बचाया जा सके।
लालबाग के राजा का विसर्जन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि यह मुंबई की सांस्कृतिक पहचान भी बन चुका है। आने वाले 24 घंटे पूरी मुंबई इस अद्भुत यात्रा में रंगी रहेगी।






















































































































































































































































































































































































