Navrashtra Bharat
  • March 17, 2025
  • Manoj Kumar Singh
  • 0

वक्फ बिल के खिलाफ AIMPLB का प्रदर्शन, सरकार से बिल वापस लेने की मांग

नई दिल्ली: वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के विरोध में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने मंगलवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को देखते हुए वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया। AIMPLB ने इस बिल को तुरंत वापस लेने की मांग की है, जबकि सरकार ने साफ कहा कि देश कानून के हिसाब से चलेगा। माना जा रहा है कि सरकार बजट सत्र के दूसरे चरण में इस बिल को संसद में पेश कर सकती है

AIMPLB का बयान – “अगर बिल वापस नहीं लिया तो… “

AIMPLB के उपाध्यक्ष उबैदुल्ला आज़मी ने कहा,
“हमारे मज़हबी मामलों की हिफाज़त की जिम्मेदारी संविधान देता है। जैसे नमाज और रोजा जरूरी है, वैसे ही वक्फ की हिफाज़त भी जरूरी है। सरकार को उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी, जो वक्फ की जमीनें हड़पते हैं, लेकिन उल्टा सरकार ने ऐसा कानून बना दिया, जिससे वक्फ की जमीनों पर कब्जा करना आसान हो जाएगा।

“अगर यह बिल वापस नहीं लिया जाता, तो ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के नेतृत्व में देशभर के मुसलमान किसी भी कुर्बानी के लिए तैयार हैं।”

जंतर-मंतर पर AIMIM सांसद ओवैसी भी पहुंचे

प्रदर्शन में AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी शामिल हुए। जंतर-मंतर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।

भाजपा का पलटवार – “AIMPLB दंगे भड़काने की कोशिश कर रहा है”

भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने AIMPLB पर हमला बोलते हुए कहा,
“वक्फ तो सिर्फ बहाना है, असली मकसद देश में दंगे भड़काना और वोट बैंक की राजनीति करना है। कांग्रेस, TMC, समाजवादी पार्टी और AIMIM इस मुद्दे पर AIMPLB का समर्थन कर रहे हैं और मुस्लिम समुदाय को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि
“क्या संविधान ने जैन और ईसाई समुदाय को वक्फ जैसे अधिकार दिए हैं? फिर वक्फ को असीमित संपत्ति हड़पने की ताकत क्यों होनी चाहिए?”

सरकार का रुख – “देश कानून से चलेगा”

भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने साफ कहा,
“यह देश कानून से चलेगा।”
वहीं, शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मुद्दे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि उनकी पार्टी संसद में इस पर चर्चा करेगी।

क्या होगा आगे?

सरकार वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को बजट सत्र के दूसरे हिस्से में पेश कर सकती है। AIMPLB का विरोध जारी है, लेकिन सरकार अपने फैसले पर अडिग नजर आ रही है। अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर आगे क्या होता है।

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