ब्लू-चिप शेयरों में वैल्यू बायिंग से निवेशकों को राहत, एशियाई बाजारों में कमजोरी बरकरार
मुंबई: बजट वाले दिन आई भारी बिकवाली के बाद सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों ने शुरुआती कारोबार में जोरदार रिकवरी दिखाई। ब्लू-चिप कंपनियों में वैल्यू बायिंग के चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में खुले और निवेशकों को कुछ राहत मिली।
शुरुआती सत्र में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 302 अंकों की बढ़त के साथ 81,024.94 पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी-50 भी 59.25 अंक चढ़कर 24,884.70 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
इन दिग्गज शेयरों में दिखी मजबूती
सेंसेक्स की कंपनियों में अडानी पोर्ट्स, लार्सन एंड टुब्रो (L&T), एशियन पेंट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, पावर ग्रिड और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को सहारा मिला।
वहीं दूसरी ओर ट्रेंट, टाइटन, आईटीसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे शेयरों में कमजोरी बनी रही और ये पिछड़ते नजर आए।
बजट 2026-27: लंबी अवधि का रोडमैप
रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ₹53.5 लाख करोड़ का केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया था। बजट में
• विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा
• वैश्विक डेटा सेंटर्स के लिए दीर्घकालिक कर प्रोत्साहन
• कृषि और पर्यटन को समर्थन
जैसे कदम शामिल हैं। इसे बढ़ते वैश्विक जोखिमों के बीच आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने का दीर्घकालिक खाका माना जा रहा है।
पांच प्रमुख राज्यों, जिनमें पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु भी शामिल हैं, में आगामी चुनावों के बावजूद बजट में लोकलुभावन घोषणाओं से दूरी रखी गई। सरकार ने साफ संकेत दिया कि राजकोषीय अनुशासन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च उसकी प्राथमिकता बना रहेगा।
STT बढ़ोतरी से बाजार में मची हलचल
हालांकि, इक्विटी डेरिवेटिव्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने के फैसले ने बाजार की धारणा को झटका दिया। बजट वाले दिन विशेष ट्रेडिंग सत्र में प्रमुख सूचकांक करीब 2 प्रतिशत तक टूट गए, हालांकि बाद में कुछ हद तक रिकवरी देखने को मिली।
रविवार को कारोबार समाप्त होने पर
सेंसेक्स 1,546.84 अंक या 1.88% गिरकर 80,722.94 पर बंद हुआ।
निफ्टी 495.20 अंक या 1.96% की गिरावट के साथ 24,825.45 पर बंद हुआ।
FII की बिकवाली और वैश्विक संकेत
एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने रविवार को ₹588.34 करोड़ के शेयर बेच दिए, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया।
वैश्विक मोर्चे पर भी संकेत कमजोर रहे।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 4% से अधिक टूट गया।
जापान का निक्केई-225, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए।
कच्चे तेल में बड़ी गिरावट
वैश्विक तेल बाजार में भी कमजोरी दिखी। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 4.14% गिरकर 66.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जो ऊर्जा कंपनियों और मुद्रास्फीति के मोर्चे पर अहम संकेत मानी जा रही है।













































































































































































































































































































































































