नई दिल्ली से बड़ी खबर—डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए संचार साथी ऐप अब साइबर ठगों के खिलाफ सबसे भरोसेमंद हथियार बनकर उभर रहा है। मोबाइल चोरी हो जाए, किसी अजनबी नंबर से फ्रॉड कॉल आए, व्हाट्सएप पर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया जाए, या आपके नाम से फर्जी SIM निकाली गई हो—अब सब कुछ सिर्फ एक क्लिक पर ट्रैक और रिपोर्ट किया जा सकता है।
सरकार ने सभी मोबाइल कंपनियों को यह ऐप नए हैंडसेट्स में प्री-इंस्टॉल करने का निर्देश भी दे दिया है, ताकि हर यूज़र सीधे इसका फायदा उठा सके। आइए जानें इसके 5 बड़े फीचर्स, जो साइबर अपराधियों की कमर तोड़ रहे हैं—
1. चक्षु फीचर—फ्रॉड कॉल पर तुरंत कार्रवाई
अगर कोई ठग नंबर के जरिए आपको जाल में फँसाने की कोशिश करे, तो तुरंत चक्षु सेक्शन में उसकी रिपोर्ट की जा सकती है।
आप वीडियो, फोटो या स्कैम चैट का सबूत भी अपलोड कर सकते हैं। शिकायत मिलते ही ऐसे नंबर ब्लॉक होकर जांच शुरू हो जाती है।
2. चोरी या गुम मोबाइल—फौरन ब्लॉक
फोन चोरी होने पर सबसे बड़ा खतरा होता है आपके डेटा का दुरुपयोग।
इस ऐप में बस IMEI नंबर डालकर आपका हैंडसेट तुरंत ब्लॉक किया जा सकता है।
अगर फोन वापस मिल जाए तो दोबारा अनलॉक की सुविधा भी उपलब्ध है।
3. आपके नाम पर कितने सिम? तुरंत पता चलेगा
बस अपना मोबाइल नंबर दर्ज करिए और ऐप बता देगा कि कौन-कौन से कनेक्शन आपके नाम से चल रहे हैं।
अगर कोई फर्जी SIM निकल गई है तो तुरंत रिपोर्ट की जा सकती है।
4. बैंकिंग व फाइनेंशियल कॉन्टैक्ट की वेरिफिकेशन
अब कोई फर्जी बैंक प्रतिनिधि बनकर झांसा नहीं दे सकेगा।
ऐप में सीधे जांच करें कि नंबर वास्तव में किसी बैंक या वित्तीय संस्था से जुड़ा है या नहीं।
5. शातिर इंटरनेशनल कॉलर्स भी नहीं बचेंगे
विदेश से होने वाली संदेहास्पद कॉल्स की रिपोर्ट और ट्रैकिंग अब कुछ सेकंड्स में संभव है, जिससे साइबर गिरोहों की कमर टूट रही है।

















































































































































































































































































































































































