कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने इस वर्ष जून तक सरकारी विभागों में स्मार्ट मीटर लगाने का संकल्प लिया है, जिसके तहत सरकारी कार्यालयों एवं विभागीय परिसर में बिजली मीटर को डिजिटल और स्मार्ट तकनीक से लैस किया जाएगा। इसके बाद अगस्त तक प्रीपेड मीटरिंग की प्रणाली में संक्रमण किया जाएगा ताकि बिजली का उपयोग और बिलिंग प्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सके।
पावर मंत्री ने इस पहल के तहत यह भी कहा है कि सरकार को अपने सभी बकाया राशि का तत्काल निपटान सुनिश्चित करना चाहिए, जिससे बिजली सप्लायरों को भुगतान में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो। इस कदम से बिजली विभाग के वित्तीय स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद की जा रही है।
सरकार की यह योजना मुख्य रूप से बिजली चोरी को रोकने, ग्राहक सेवा को बेहतर बनाने और ऊर्जा की बचत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। स्मार्ट मीटरिंग तकनीक के कारण उपभोक्ता अपनी बिजली खपत को वास्तविक समय में देख सकेंगे और ऊर्जा संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे।
प्रीपेड मीटरिंग प्रणाली के तहत उपभोक्ता उपभोग से पहले ही अपनी बिजली का शुल्क जमा करेंगे, जिससे बिल भुगतान में हो रही देरी और विवादों से निजात मिलेगी। इस प्रक्रिया से बिजली विभाग के संसाधनों का दक्षतापूर्वक प्रबंधन संभव होगा।
राज्य सरकार ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे समय सीमा के भीतर अपनी तकनीकी एवं आर्थिक तैयारियों को पूरा करें, ताकि स्मार्ट मीटर के भौतिक स्थापन कार्य में कोई बाधा न आए। साथ ही, उपभोक्ताओं को नए सिस्टम के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक शिक्षा एवं प्रचार कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल के सफल कार्यान्वयन से न केवल सरकारी विभागों में बिजली बकाया राशि की समस्या खत्म होगी, बल्कि पूरे राज्य में ऊर्जा उपयोग की दक्षता और पारदर्शिता में सुधार होगा। इससे पश्चिम बंगाल में ऊर्जा क्षेत्र का संपूर्ण विकास संभव हो सकेगा।
इस प्रकार, पश्चिम बंगाल सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना न केवल तकनीकी उन्नति का प्रतीक है, बल्कि राज्य के समग्र विकास में ऊर्जा प्रबंधन की भूमिका को भी सुदृढ़ करने का प्रयास है। सभी निगरानी एजेंसियां एवं संबंधित विभाग इस बदलाव को सुनिश्चित करने के लिए उचित पहल करेंगे।






























































































































































































































































































































































