Twisha Singh death case: Madhya Pradesh HC quashes anticipatory bail of retired judge Giribala Singh
  • May 28, 2026
  • Navrashtra Bharat Desk
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भोपाल: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने प्रदेश में चर्चा में आए त्विशा सिंह मौत मामले में सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। इस फैसले से इस केस की जांच और दायरा और अधिक सख्त हो सकता है।

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में यह तर्क दिया कि जिस प्रकार से अग्रिम जमानत प्राप्त की गई, उससे यह शक पैदा होता है कि जांच और परीक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर trial court ने गंभीरता से विचार नहीं किया। उन्होंने बताया कि यह मामला संवेदनशील है और इसलिए अग्रिम जमानत मिलने के नियमों का गलत उपयोग हुआ है।

इस मामले में, पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह पर आरोप है कि उन्होंने जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया था। कोर्ट ने भी इस षड्यंत्र के संकेत को गंभीरता से लेते हुए जमानत आदेश को रद्द करने का निर्णय दिया।

उच्च न्यायालय के इस फैसले से यह साफ हो गया है कि न्याय व्यवस्था किसी भी स्तर पर कानून से ऊपर नहीं है और चाहे कोई भी पद पर हो, सबके लिए कानून एक समान है। सरकार ने इस निर्णय को स्वागत योग्य बताया है और कहा कि इससे मामले की न्यायपूर्ण जांच सुनिश्चित होगी।

इससे पहले, आरोपी ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था, जिसे trial court ने मंजूर कर दिया था। लेकिन Madhya Pradesh सरकार की ओर से दायर की गई अपील पर उच्च न्यायालय ने यह आदेश दिया। इस मामले की जांच में और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर व्यापक छानबीन चल रही है।

इस मामले ने प्रदेश के न्यायिक तंत्र पर कई सवाल उठाए थे, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है। अब यह देखना होगा कि इस फैसले के बाद जांच प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ती है और न्याय में कितना शीघ्रता आती है।

मध्य प्रदेश पुलिस एवं आला अधिकारी भी इस मामले की जांच में तेजी ला रहे हैं और उन्होंने जनता से अपील की है कि वे हर किस्म की जानकारी पुलिस के साथ साझा करें ताकि दोषी पर उचित कार्रवाई की जा सके। न्यायपालिका के इस फैसले को आम जनता ने सकारात्मक रूप में देखा है और उम्मीद जताई है कि जल्द से जल्द मामले का निष्पक्ष समाधान निकलेगा।

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