दिल्ली में विधानसभा चुनाव की गहमागहमी: AAP और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला, केजरीवाल और मोदी आमने-सामने
दिल्ली में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, और इस बार आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच सीधा टकराव देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में AAP के प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा पर जमकर निशाना साधा।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा केवल गालियों के दम पर चुनाव जीतना चाहती है। उन्होंने कहा, “हम अपने 10 साल के काम के आधार पर वोट मांग रहे हैं, जबकि भाजपा केवल गालियों को अपना मुद्दा बना रही है।” केजरीवाल ने यह भी घोषणा की कि अगर उनकी सरकार फिर से सत्ता में आती है, तो दिल्ली में लोगों को मिले गलत पानी के बिल पूरी तरह माफ कर दिए जाएंगे।
कांग्रेस पर हमला
कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए केजरीवाल ने कहा कि उसने जनता से संपर्क पूरी तरह खत्म कर लिया है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि कांग्रेस और भाजपा को मिलकर चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि जिनके पानी के बिल गलत आए हैं, वे उन्हें न भरें, क्योंकि 2025 में उनकी सरकार बनने के बाद ये बिल माफ कर दिए जाएंगे।
पंजाब की महिलाओं का विरोध प्रदर्शन
इस बीच, पंजाब से आई कुछ महिलाओं ने केजरीवाल के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं का आरोप है कि पंजाब सरकार ने उनके साथ वादाखिलाफी की है। उन्होंने कहा कि पंजाब में AAP ने महिलाओं को 2100 रुपये प्रति माह देने का वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ। अब दिल्ली में वही वादा कर लोगों को लुभाने की कोशिश की जा रही है।
पीएम मोदी का पलटवार
इसके एक दिन पहले, पीएम नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए AAP सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया और AAP को “आपदा” करार देते हुए कहा, “पिछले 10 सालों में AAP सरकार ने दिल्ली को संकट में डाल दिया है। मोदी ने कहा कि वह चाहते तो अपने लिए शीशमहल बनवा सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने जनता के विकास को प्राथमिकता दी। पीएम ने यह भी वादा किया कि आने वाले वर्षों में दिल्ली में हजारों परिवारों को नए आवास दिए जाएंगे।
राजनीतिक तापमान बढ़ा
चुनाव के करीब आते ही दिल्ली की राजनीति का तापमान बढ़ गया है। जहां AAP अपने काम को लेकर चुनावी मैदान में है, वहीं भाजपा उसके कामकाज पर सवाल उठा रही है। कांग्रेस इस लड़ाई में कमजोर नजर आ रही है। आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच यह मुकाबला और तीखा होने की संभावना है।










































































































































































































































































































































