‘Desperate bid to regain power’: Why Bhagwant Mann is talking about an SAD-BJP reunion
  • June 11, 2026
  • Navrashtra Bharat Desk
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चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भागवत मान ने हाल ही में आया बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के संभावित पुनर्मिलन पर बात की है, जिसे कई राजनीतिक विश्लेषक उनकी सत्ता में वापसी की एक कोशिश के तौर पर देख रहे हैं।

भागवत मान, जो आम आदमी पार्टी (AAP) के सदस्य हैं, ने इस विषय को उठाकर पंजाब की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर अपनी गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि SAD और BJP के बीच इस पुनर्मिलन की चर्चाओं का मतलब केवल सत्ता पाने की रणनीति से ज्यादा कुछ नहीं हो सकता।

विशेषज्ञों के अनुसार, पंजाब में पिछले कुछ दशकों से SAD और BJP का गठबंधन कई बार सियासी उतार-चढ़ाव का सामना कर चुका है। 2022 के विधानसभा चुनावों में SAD को जबरदस्त हार का सामना करना पड़ा था, जिससे उनकी औपचारिक राजनीति में पकड़ कमजोर हो गई है। ऐसे समय में उनका BJP के साथ मिलकर राजनीतिक मजबूती हासिल करने का प्रयास स्वाभाविक है।

भागवत मान ने इस मुद्दे पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि अगर SAD और BJP एक बार फिर से गठबंधन करते हैं, तो यह पंजाब की सियासत में नए बदलाव ला सकता है। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि जनता अब पुराने राजनीतिक गठबंधनों से ऊब चुकी है और वे नए विकल्प की तलाश में हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भागवत मान का यह बयान एक रणनीतिक कदम हो सकता है, जिससे वे विपक्ष की कमजोरियों को उजागर कर अपने और अपनी पार्टी के लिए राजनीतिक लाभ हासिल करना चाहते हैं। SAD और BJP के पुनर्मिलन की अटकलें इसलिए भी तेज हुईं क्योंकि पिछले कुछ समय में दोनों दलों के नेताओं के बीच बातचीत के संकेत मिले हैं।

हालांकि, BJP और SAD की ओर से इस सवाल पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक वेलिंगटन शाम को इस बात पर चर्चा जारी है। अगर यह गठबंधन होता है, तो पंजाब के राजनीतिक नक्शे पर इसके गहरे असर देखे जा सकते हैं।

पंजाब की जनता इस सियासी उठापटक को बेहद गंभीरता से देख रही है। मिड-टर्म चुनाव या आगामी लोकसभा चुनावों से पहले यह राजनीतिक समीकरण काफी प्रभावी साबित हो सकता है। जनता की प्रतिक्रिया और राजनीतिक दलों की चालें आगे की राजनीति के लिए दिशा तय करेंगी।

निष्कर्षतः, भागवत मान का SAD-BJP पुनर्मिलन पर बयान न केवल उनके राजनीतिक दर्द और पुर्नविजय की इच्छा को दर्शाता है, बल्कि यह पंजाब की राजनीति में एक नई बहस और रणनीतिक री-एलाइनमेंट की शुरुआत भी हो सकता है। आने वाले समय में पंजाब की राजनीति में होने वाले बदलावों पर नजर रखना जरूरी होगा।

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