Shashi Prakash Goyal: उत्तर प्रदेश को नया मुख्य सचिव मिल गया है। 1989 बैच के सीनियर IAS अफसर शशि प्रकाश गोयल को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। जैसे ही उनका नाम घोषित हुआ, उन्होंने तुरंत पदभार भी संभाल लिया। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में से एक माने जाते हैं। खास बात यह है कि उनका लखनऊ से गहरा नाता है – यही उनका गृह जिला भी है।
पढ़ाई और लखनऊ कनेक्शन
शशि प्रकाश गोयल का जन्म 1967 में हुआ था। उन्होंने बीएससी (ऑनर्स), एमसीए और ईएमआईबी (IIFT से) की पढ़ाई की है। उन्हें एक पढ़े-लिखे और टेक्नोक्रेट अफसर के तौर पर जाना जाता है। उनका ताल्लुक लखनऊ से है, और वे कई बार यहां तैनात भी रह चुके हैं।
अफसर बनने का सफर
उन्होंने प्रशासनिक करियर की शुरुआत इटावा में असिस्टेंट मजिस्ट्रेट के तौर पर की थी। इसके बाद वे अलीगढ़, बहराइच, मेरठ में सीडीओ रहे और मथुरा, इटावा, प्रयागराज, देवरिया में जिलाधिकारी (DM) के रूप में काम किया। जमीन से जुड़े कामों का गहरा अनुभव उन्हें एक मजबूत प्रशासक बनाता है। अभी हाल ही में वे अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री, नागरिक उड्डयन, संपदा, प्रोटोकॉल) और अपर स्थानिक आयुक्त, लखनऊ के पद पर तैनात थे।
अब क्या जिम्मेदारी मिली?
अब उन्हें राज्य के सबसे बड़े अफसर यानी मुख्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही उन्हें कई और अहम पद भी मिले हैं जैसे:
अवस्थापना व औद्योगिक विकास आयुक्त
यूपीडा (UPIDA) के CEO
पिकप के अध्यक्ष
समन्वय विभाग के अपर मुख्य सचिव
और कई प्रोजेक्ट्स के डायरेक्टर
राज्य और केंद्र दोनों में किया काम
वे पहले योजना विभाग और कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग में बड़े पदों पर काम कर चुके हैं। केंद्र सरकार में भी वे मानव संसाधन मंत्रालय में संयुक्त सचिव रहे, जिससे उन्हें दिल्ली और लखनऊ दोनों की नौकरशाही का अनुभव मिला।
योगी सरकार में क्यों खास हैं?
जब 2017 में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने शशि प्रकाश गोयल को प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री नियुक्त किया। तब से वे लगातार पंचम तल (CM ऑफिस) में सीएम के साथ रहे हैं। पिछले 8 सालों से वे सीएम के सबसे भरोसेमंद अफसर माने जाते हैं।
दिल्ली में उनकी अच्छी पकड़ है, इस वजह से केंद्र ने उन्हें प्रतिनियुक्ति (deputation) पर बुलाया था, लेकिन यूपी सरकार ने उन्हें छोड़ा नहीं, क्योंकि उन्हें मुख्य सचिव बनाए जाने की तैयारी पहले से थी।
क्यों खास है ये पद?
मुख्य सचिव राज्य का सबसे बड़ा प्रशासनिक अधिकारी होता है। वह सभी विभागों के कामकाज की निगरानी करता है और मुख्यमंत्री का सलाहकार होता है। योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर समन्वय तक की जिम्मेदारी उसी की होती है।


















































































































































































































































































































































