Chaitanya Baghel arrested

छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को उनके भिलाई स्थित घर पर सुबह-सुबह छापेमारी के बाद ईडी ने उन्हें हिरासत में लिया। इसके बाद रायपुर की एक अदालत ने उन्हें पांच दिन की ईडी कस्टडी में भेज दिया।

जन्मदिन पर हुई गिरफ्तारी

गौर करने वाली बात यह है कि चैतन्य की गिरफ्तारी उनके जन्मदिन पर ही की गई। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने कहा, “2023 में मेरे जन्मदिन पर मेरे सलाहकार को गिरफ्तार किया गया था, और अब इस साल मेरे बेटे को। ये सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर हो रहा है क्योंकि आज विधानसभा में अडानी पर चर्चा होनी थी।”

बघेल ने आरोप लगाया कि यह गिरफ्तारी एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है, ताकि विपक्ष अडानी जैसे उद्योगपतियों के खिलाफ आवाज न उठा सके। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं कवासी लखमा और देवेंद्र यादव को निशाना बनाया गया, और अब उनके परिवार पर हमला हो रहा है।

क्या है शराब घोटाले का मामला?

यह मामला छत्तीसगढ़ में 2018 से 2023 के बीच कथित शराब नीति में अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। ईडी का दावा है कि इस दौरान लगभग 1000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई, जिसे रियल एस्टेट कंपनियों के माध्यम से धोखाधड़ी से सफेद धन में बदला गया। इसी जांच में चैतन्य बघेल और उनके करीबियों के नाम सामने आए हैं।

ईडी को शक है कि कुछ कंपनियों को शेल कंपनी की तरह इस्तेमाल किया गया और मुनाफे को छिपाकर उसे कानूनी रूप दिया गया। ईडी ने अपनी जांच में पाया है कि यह घोटाला सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया, जिसमें अधिकारियों से लेकर कारोबारी और राजनीतिक व्यक्ति तक शामिल थे।

चैतन्य बघेल के बारे में

चैतन्य बघेल एक व्यवसायी हैं और सीधे तौर पर राजनीति में सक्रिय नहीं रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अपने पारिवारिक सब्जी फार्म और निजी व्यवसायों को संभालते थे। लेकिन अब उन पर आरोप है कि उन्होंने शराब घोटाले की कमाई को छुपाने में मदद की।

चैतन्य की गिरफ्तारी से छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जहां सरकार इसे कानून का पालन बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रही है। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और खुलासे संभव हैं, जो राज्य की राजनीति को और गर्मा सकते हैं।

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