पंजाब सरकार अब ज़मीन की रजिस्ट्री में होने वाले भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म करने के लिए बड़े बदलाव कर रही है। राज्य के तहसील दफ्तरों में ज़मीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ी रजिस्ट्रियों के कामकाज को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है।
क्या है नया फैसला?
राज्य सरकार ने सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को आदेश दिया है कि अभी जो रजिस्ट्री क्लर्क काम कर रहे हैं, उन्हें तुरंत हटा दिया जाए। उनकी जगह ऐसे क्लर्क लगाए जाएं, जिन्हें 7 साल से कम नौकरी का अनुभव है। इसका मकसद पुराने कर्मचारियों के भ्रष्टाचार नेटवर्क को तोड़ना है। इसके अलावा, सरकार अब मोहाली (SAS नगर) में चल रहे ‘ईज़ी रजिस्ट्री पायलट प्रोजेक्ट’ को पूरे पंजाब में लागू कर रही है।
‘ईज़ी रजिस्ट्री’ कैसे काम करेगी?
इस नई व्यवस्था के तहत, अब कोई भी ज़मीन की रजिस्ट्री तब तक आगे नहीं बढ़ेगी जब तक रजिस्ट्रार या जॉइंट सब-रजिस्ट्रार खुद दस्तावेज़ों की जांच न कर लें। वे यह देखेंगे कि दस्तावेज़ कानून के अनुसार सही हैं या नहीं और स्टांप ड्यूटी और सरकारी फीस सही तरीके से भरी गई है या नहीं। जब सब कुछ सही होगा, तभी रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू होगी।
दोनों पक्षों की पहचान की पूरी जांच
रजिस्ट्री के दौरान दोनों पक्षों – यानी ज़मीन बेचने वाले और खरीदने वाले – की पहचान की पूरी जांच की जाएगी। इसके अलावा, सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि दोनों ने नियमों के अनुसार स्टांप ड्यूटी और फीस का भुगतान किया है या नहीं।
क्लर्कों की भूमिका और ट्रेनिंग में बदलाव
अब नए क्लर्क रजिस्ट्रार की मदद करेंगे। उनका काम होगा – दस्तावेज़ों पर सभी के साइन करवाना, जरूरी आदेश पोर्टल पर अपलोड करना, स्कैनिंग करना और एक घंटे के भीतर रजिस्ट्री की कॉपी संबंधित लोगों को देना। साथ ही इन क्लर्कों की ट्रेनिंग में भी बदलाव किया जा रहा है ताकि वे नए सिस्टम के अनुसार काम कर सकें।
भ्रष्टाचार पर सख्ती
राज्य सरकार ने माना कि ज़्यादातर जिलों में केवल 10–15% कर्मचारी ही रजिस्ट्री क्लर्क की परीक्षा पास कर पाते हैं। इसलिए बार-बार वही पुराने लोग इस काम में लगाए जाते हैं, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश बनी रहती है। अब पूरे राज्य में रजिस्ट्री से जुड़े सभी क्लर्क बदले जाएंगे, ताकि पारदर्शिता लाई जा सके।

































































































































































































































































































































