Navrashtra Bharat (77)
  • September 6, 2025
  • Manoj Kumar Singh
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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को हजरतबल मस्जिद में नवीनीकरण कार्य के दौरान लगी एक पट्टिका पर राष्ट्रीय प्रतीक (अशोक स्तंभ) के उपयोग की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर सरकारी प्रतीक चिन्हों का इस्तेमाल अनुचित है और इससे अनावश्यक विवाद खड़ा हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हजरतबल मस्जिद परिसर में मरम्मत और सौंदर्यीकरण के कार्य पूरे किए गए थे। इस अवसर पर एक पट्टिका लगाई गई, जिसमें राष्ट्रीय प्रतीक को प्रमुखता से दर्शाया गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “राष्ट्रीय प्रतीक का सम्मान हम सब करते हैं, लेकिन इसे धार्मिक स्थलों पर प्रदर्शित करना सही परंपरा नहीं है। सरकार को इस तरह की गलतियों से बचना चाहिए।”

उमर अब्दुल्ला ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पट्टिका से राष्ट्रीय प्रतीक को हटाया जाए और भविष्य में धार्मिक स्थलों पर ऐसे किसी भी सरकारी प्रतीक चिन्ह के इस्तेमाल से परहेज किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल धार्मिक धरोहरों का संरक्षण और विकास है, न कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना।

हजरतबल मस्जिद जम्मू-कश्मीर की सबसे पवित्र दरगाहों में से एक मानी जाती है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु नियमित रूप से दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान धार्मिक स्थलों पर सरकारी हस्तक्षेप को लेकर नई बहस को जन्म दे सकता है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उमर अब्दुल्ला का यह कदम लोगों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि प्रशासन और जनता के बीच अनावश्यक टकराव की स्थिति न बने।

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