भुवनेश्वर। ओडिशा अब केवल खनिज और भारी उद्योगों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तकनीक आधारित और नवाचार केंद्रित अर्थव्यवस्था की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि हाल ही में हैदराबाद और कोलकाता में आयोजित निवेशक सम्मेलनों में राज्य को ₹1.67 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 1.46 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने इसे उद्योग जगत द्वारा ओडिशा की नई विकास नीति पर जताया गया भरोसा बताया। उन्होंने कहा कि राज्य अब खुद को एक उभरती हुई औद्योगिक शक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है, जहां पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ नए युग के उद्योगों को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है।
पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों पर फोकस
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि जहां ओडिशा लंबे समय से स्टील, खनन और भारी उद्योगों के लिए जाना जाता रहा है, वहीं अब राज्य आईटी-आईटीईएस, एयरोस्पेस एवं रक्षा, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, बायोटेक्नोलॉजी, तकनीकी वस्त्र, इंजीनियरिंग गुड्स, प्लास्टिक, केमिकल, पैकेजिंग और रीसाइक्लिंग जैसे तेज़ी से बढ़ते क्षेत्रों में भी कदम बढ़ा रहा है।
दिसंबर 2025 में हैदराबाद और हाल ही में कोलकाता में आयोजित ओडिशा निवेशक सम्मेलनों के दौरान इस बदलाव की झलक साफ दिखाई दी। इन आयोजनों में कुल छह क्षेत्र-विशेष गोलमेज बैठकें हुईं, जिनमें दोनों शहरों में अलग-अलग उद्योगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
123 उद्योग नेताओं की भागीदारी
इन बैठकों में 123 प्रमुख उद्योग और कॉर्पोरेट नेताओं ने हिस्सा लिया, जिसके परिणामस्वरूप राज्य को भारी निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रतिक्रिया ओडिशा की नीतिगत स्थिरता, सुधार-उन्मुख शासन और निवेश-अनुकूल वातावरण का प्रमाण है।
‘पूर्वोदय’ से ‘समृद्ध ओडिशा’ तक का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय दृष्टिकोण ‘पूर्वोदय’, वर्ष 2036 तक ‘समृद्ध ओडिशा’ और 2047 तक ‘विकसित भारत’ में योगदान के लक्ष्य के अनुरूप राज्य पूरी तैयारी के साथ नए औद्योगिक युग में प्रवेश कर चुका है।
मजबूत बुनियादी ढांचा और कौशल विकास
ओडिशा की ताकतों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में पारादीप, धामरा, गोपालपुर, बहुड़ा और इंचुड़ी-सुबर्णरेखा जैसे प्रमुख बंदरगाह, बेहतर हवाई संपर्क और मजबूत सड़क नेटवर्क मौजूद है। इसके साथ ही औद्योगिक पार्क, एमएसएमई पार्क और विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) निवेशकों को प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं प्रदान करते हैं।
कुशल मानव संसाधन सुनिश्चित करने के लिए भुवनेश्वर, संबलपुर और बरहामपुर में तीन नए विश्वस्तरीय कौशल केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा भविष्य-तैयार अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और नए क्षेत्रों में निवेश करने वाले सभी निवेशकों का राज्य खुले दिल से स्वागत करता है।





























































































































































































































































































































