दिल्ली – राजधानी के प्रतिष्ठित अस्पताल, इंस्टिट्यूट ऑफ़ लीवर एंड बिलियरी साइंसेस (आईएलबीएस) की निर्माण साइट पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि निर्माण कार्य में शामिल कंपनी ने ठेकेदारों, सामग्री आपूर्तिकर्ताओं और मजदूरों के साथ करोड़ों की ठगी की है।
दरअसल, अस्पताल प्रशासन अपने कर्मचारियों के लिए एक बहुमंजिला इमारत का निर्माण करवा रहा है, जिसका ठेका सरकारी कंपनी एनबीसीसी को दिया गया था। एनबीसीसी ने इस काम के लिए टेंडर जारी किया, जिसे नील इंफ्रा नाम की कंपनी ने एशियन कंस्ट्रक्शंस नामक कंपनी के दस्तावेजों पर 89 करोड़ रुपये में ले लिया। इस समझौते के तहत, नील इंफ्रा को एशियन कंस्ट्रक्शंस को 3% रॉयल्टी और 2% जीएसटी का भुगतान करना था।
नील इंफ्रा ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया था, लेकिन अब उनका आरोप है कि एशियन कंस्ट्रक्शंस ने बिना किसी नोटिस के उनके कर्मचारियों और मजदूरों को जबरन बाउंसरों के जरिए साइट से बाहर निकाल दिया और उनके बकाया पैसों का भुगतान करने से इनकार कर दिया। इस धोखाधड़ी के कारण मजबूर होकर मजदूरों को प्रदर्शन करना पड़ा।
प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर वसंत कुंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं थे। स्थिति बिगड़ते देख एसीपी साउथ सत्यजीत सरीन ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बात की और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त कर दिया।










































































































































































































































































































































