Navrashtra Bharat (84)

वॉशिंगटन, डीसी: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में रूस के खिलाफ सख्त आर्थिक प्रतिबंधों को लागू करने का संकेत दिया है, यह घोषणा करते हुए कि वह ‘दूसरे चरण’ के लिए तैयार हैं। उनके यह बयान ऐसे समय पर आए हैं जब अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर यूरोपीय संघ के साथ समन्वय में रूस के तेल खरीदारों पर द्वितीयक सैंक्शन लागू किए जाते हैं, तो यह क्रेमलिन की युद्ध अर्थव्यवस्था को ध्वस्त कर सकता है।

राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम रूस के खिलाफ अपनी स्थिति को और भी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जो कोई भी रूस के साथ व्यापार करता है, उन्हें इसके गंभीर नतीजों का सामना करना पड़ेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस मुद्दे पर एकजुटता के साथ आगे बढ़ेगा।

अमेरिकी ट्रेजरी के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि “द्वितीयक सैंक्शन” का अर्थ है कि यदि कोई अन्य देश रूस के तेल का व्यापार करता है, तो उसे भी प्रतिबंधित किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “यह एक शक्तिशाली उपाय हो सकता है जो रूस की आर्थिक ताकत को कमजोर कर सकता है।”

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और यूरोपीय संघ मिलकर रूस के तेल उद्योग पर प्रभावी तरीके से सैंक्शन लगाते हैं, तो यह मॉस्को की आर्थिक व्यवस्था को बहुत नुकसान पहुंचा सकता है। वॉशिंगटन में स्थित एक थिंक टैंक के शोधकर्ता, सारा जॉनसन ने कहा, “रूस की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा ऊर्जा निर्यात पर निर्भर करता है। यदि तेल की बिक्री प्रभावित होती है, तो इससे उनके आक्रमकता की नीति पर भी असर पड़ेगा।”

हालांकि, कुछ आलोचक इस कदम की प्रभावशीलता पर सवाल उठा रहे हैं। न्यूयॉर्क के एक आर्थिक विश्लेषक, माइकल स्टीवेंस ने कहा, “यह सैंक्शन रूस के लिए कुछ समय के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि रूस एक बड़ा और मजबूत देश है। हमें दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।”

अंत में, ट्रम्प का यह नया रुख रूस के साथ अमेरिका के संबंधों को और अधिक तनावपूर्ण बना सकता है। दुनिया भर में इस मुद्दे पर नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। जैसे-जैसे स्थिति विकसित होती है, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अमेरिका अपने प्रतिबंधों के दूसरे चरण को लागू करने में सफल होता है और इसका प्रभाव रूस की युद्ध नीति पर क्या होता है।

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