Navrashtra Bharat (55)

इजरायल ने गुरुवार, 2 जनवरी की रात सीरिया के अलेप्पो शहर के दक्षिणी इलाके में स्थित सीरियाई सैन्य ठिकानों पर जोरदार बमबारी की। सीरियाई मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, ये हमले अल-सफीरा के पास मौजूद एक रक्षा सुविधा और वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र को निशाना बनाकर किए गए। यह इजरायल द्वारा सीरिया के अंदर हाल ही में किए गए कई हवाई हमलों की एक कड़ी है, जो बशर अल-असद के शासनकाल में बढ़ते तनाव के बीच और अधिक तेज हो गए हैं।

विस्फोट और नुकसान की सूचना

सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक, अलेप्पो के दक्षिण में रक्षा कारखानों पर हुए इन हमलों में सात बड़े विस्फोट सुने गए। हालांकि, इन विस्फोटों से किसी के हताहत होने की तत्काल जानकारी नहीं मिली है। समाचार एजेंसी AFP ने अल-सफीरा क्षेत्र के एक स्थानीय निवासी के हवाले से कहा कि हमले इतने शक्तिशाली थे कि घरों की खिड़कियां और दरवाजे झटकों से खुल गए। इस घटना को बयान करते हुए एक अन्य निवासी ने कहा कि यह हमला इतना भयानक था कि रात में दिन जैसा उजाला हो गया।

सीरिया पर इजरायल के लगातार हमले

पिछले महीने की शुरुआत में इस्लामिक विद्रोहियों द्वारा बशर अल-असद की सत्ता को गिराने की कोशिशों के बाद से इजरायल ने सीरिया पर अपने हवाई हमलों को तेज कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों में सीरिया के नौसैनिक ठिकानों और गोलान हाइट्स के पास स्थित बफर जोन को भी निशाना बनाया गया। इजरायली सेना की गतिविधियों के चलते दमिश्क से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर इजरायली सैनिकों को देखा गया है।

हिज़बुल्लाह और समर्थक गुटों को भारी नुकसान

इजरायली हमलों ने सीरिया के अंदर सक्रिय हिज़बुल्लाह और अन्य समर्थक गुटों को भी गंभीर क्षति पहुंचाई है। इन हमलों के परिणामस्वरूप सीरिया में अस्थिरता और बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में इजरायल के आक्रामक रवैये ने संघर्ष की स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया है।

क्षेत्रीय प्रभाव

इजरायल द्वारा किए गए इन 500 से अधिक हवाई हमलों ने सीरियाई शासन और उसके सहयोगियों पर दबाव बढ़ा दिया है। यह हमले न केवल सैन्य नुकसान का कारण बने हैं, बल्कि क्षेत्रीय संघर्षों को और अधिक गंभीर बना दिया है।

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