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भारत ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का वीजा बढ़ाया, ढाका में उनकी वापसी की मांग तेज

भारत ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का वीजा बढ़ाने का फैसला किया है। हसीना अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं। यह निर्णय उस समय लिया गया है जब बांग्लादेश में उनकी वापसी को लेकर प्रदर्शन और विरोध तेज हो रहे हैं। 77 वर्षीय शेख हसीना ने बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत का रुख किया था। तब से वह दिल्ली में एक सुरक्षित स्थान पर रह रही हैं।

भारत ने वीजा विस्तार का निर्णय क्यों लिया?

शेख हसीना के वीजा को भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा हाल ही में बढ़ाया गया है। इस निर्णय में केंद्रीय गृह मंत्रालय की सहमति भी शामिल रही। सूत्रों के अनुसार, वीजा विस्तार का उद्देश्य हसीना के भारत में रहन-सहन को आसान बनाना है। हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत ने हसीना को आधिकारिक रूप से शरण नहीं दी है। भारत में शरणार्थियों से संबंधित कोई विशेष कानून नहीं है, इसलिए उनका वीजा केवल मानवीय आधार पर बढ़ाया गया है।

बांग्लादेश ने की हसीना की वापसी की मांग

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने 23 दिसंबर को भारत को एक औपचारिक नोट भेजा था, जिसमें शेख हसीना की वापसी की मांग की गई थी। इस नोट में हसीना पर कई आरोप लगाए गए थे, जिनमें विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और अन्य अपराध शामिल थे। बांग्लादेश सरकार ने यह भी दावा किया कि हसीना की उपस्थिति बांग्लादेश में न्याय प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।

हालांकि, भारत सरकार ने अभी तक इस नोट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। अधिकारियों का कहना है कि ढाका की ओर से अभी सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी नहीं की गई हैं।

शेख हसीना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट

बांग्लादेश ने हाल ही में 97 लोगों के पासपोर्ट रद्द कर दिए हैं। इन व्यक्तियों पर आरोप है कि वे जुलाई 2024 में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और हत्याओं में शामिल थे। इस सूची में शेख हसीना का नाम भी शामिल है।

बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने 6 जनवरी को हसीना के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इसके तहत, हसीना और 11 अन्य लोगों को फरवरी 2025 में न्यायाधिकरण के समक्ष पेश होने का आदेश दिया गया है।

बांग्लादेश आयोग की भारत में पूछताछ की योजना

बांग्लादेश की राष्ट्रीय स्वतंत्र जांच आयोग के प्रमुख, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) एएलएम फजलुर रहमान, ने हाल ही में कहा कि आयोग के सदस्य भारत जाकर शेख हसीना से पूछताछ करना चाहते हैं। यह पूछताछ 2009 में बांग्लादेश राइफल्स द्वारा 74 लोगों की हत्या के मामले में की जाएगी। हालांकि, भारत सरकार ने इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

हसीना के बेटे का बयान

शेख हसीना के बेटे, साजीब वाजेद जॉय, ने अगस्त 2024 में यह स्पष्ट किया था कि उनकी मां ने भारत में शरण के लिए आवेदन नहीं किया है और उनके वीजा को रद्द किए जाने की खबरें गलत हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि शेख हसीना के भविष्य के निर्णय उनके निजी फैसले होंगे।

भारत सरकार ने यह भी कहा था कि शेख हसीना के मामले में कोई विशेष निर्णय नहीं लिया गया है और यह पूरी तरह से उनकी इच्छा पर निर्भर करेगा कि वह आगे क्या कदम उठाती हैं।

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