भारत की AI ताकत

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने WEF मंच से बताया क्यों भारत ‘सेकंड टियर’ नहीं, बल्कि वैश्विक AI लीडर है

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक के दौरान आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस को लेकर भारत की वैश्विक स्थिति पर एक अहम बहस देखने को मिली। “AI पावर प्ले” विषय पर हुई पैनल चर्चा में जब मॉडरेटर इयान ब्रेमर ने भारत को AI शक्तियों के “दूसरे स्तर” का देश बताया, तो मंच पर मौजूद केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस वर्गीकरण पर कड़ा ऐतराज़ जताया।

अश्विनी वैष्णव ने वैश्विक आंकड़ों और प्रतिष्ठित अध्ययनों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि भारत न सिर्फ़ AI की दौड़ में आगे है, बल्कि दुनिया के अग्रणी देशों में मजबूती से अपनी जगह बना चुका है।

क्या हुआ दावोस के मंच पर

यह चर्चा WEF की वार्षिक बैठक के दौरान मंगलवार को हुई, जिसमें IMF की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा, माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ और सऊदी अरब के निवेश मंत्री खालिद अल-फलीह भी शामिल थे। बातचीत के दौरान ब्रेमर ने भारत को AI के “सेकंड ग्रुप” में रखने की टिप्पणी की, जिसे लेकर तुरंत असहमति सामने आई।

अश्विनी वैष्णव का स्पष्ट जवाब

केंद्रीय मंत्री ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की AI तैयारियों से जुड़ी रैंकिंग का हवाला देते हुए कहा कि भारत इस मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि AI में सफलता सिर्फ़ सबसे बड़े मॉडल बनाने से नहीं आती, बल्कि ऐसे मॉडल विकसित करने से आती है जो व्यावहारिक हों, किफायती हों और ज़मीनी जरूरतों को पूरा करें।

उन्होंने बताया कि वास्तविक दुनिया के अधिकांश AI उपयोग मामलों में मध्यम आकार के मॉडल ही सबसे अधिक प्रभावी साबित होते हैं और भारत की रणनीति इसी दिशा में केंद्रित है।

भारत की AI ताकत के ठोस आधार

अश्विनी वैष्णव के अनुसार, स्टैनफोर्ड की रिपोर्ट भारत को AI प्रतिभा में दुनिया में दूसरे स्थान पर रखती है। देश में 38,000 से अधिक GPU को एक साझा राष्ट्रीय कंप्यूटिंग सुविधा के रूप में जोड़ा गया है, ताकि छात्र, शोधकर्ता और स्टार्टअप्स कम लागत पर इसका उपयोग कर सकें। इसके साथ ही सरकार का लक्ष्य एक करोड़ लोगों को AI कौशल से प्रशिक्षित करना है।

IMF ने भी की भारत की सराहना

चर्चा के बाद IMF प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने स्पष्ट किया कि भारत को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं है। उन्होंने कहा कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सुधारों और IT-कुशल कार्यबल के कारण भारत AI के क्षेत्र में प्रमुख शक्तियों में शामिल है। उन्होंने यह भी माना कि AI वैश्विक विकास दर को और तेज़ कर सकता है और भारत इसमें अहम भूमिका निभा रहा है।

भारी निवेश और तेज़ी से बढ़ता AI इकोसिस्टम

भारत सरकार ने मार्च 2024 में “भारत AI मिशन” को मंज़ूरी दी, जिसके तहत पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ से अधिक का निवेश तय किया गया है। शुरुआती लक्ष्य 10,000 GPU का था, जिसे बढ़ाकर 38,000 तक पहुंचाया जा चुका है।

देश में 1.8 लाख से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं और नए स्टार्टअप्स में से बड़ी संख्या AI आधारित समाधान अपना रही है। बैंकिंग, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल और रिटेल जैसे क्षेत्रों में AI का उपयोग तेज़ी से बढ़ रहा है।

Please follow and like us:
RSS
Follow by Email
X (Twitter)
Visit Us
Follow Me
YouTube
LinkedIn
Share
Instagram

Comments (0)

Your email address will not be published. Required fields are marked *