पाकिस्तान में सत्ता संघर्ष एक बार फिर चरम पर है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौजूदा स्थिति पर सरकारी चुप्पी और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के भविष्य को लेकर उठते सवाल, इस बात का संकेत दे रहे हैं कि देश में राजनीतिक भूचाल आने वाला है। सीनियर पत्रकारों का कहना है कि हालात कुछ वैसे नहीं जैसे दिखाए जा रहे हैं मामले की हर टाइमिंग खुद एक संकेत है कि पर्दे के पीछे कुछ बड़ा खेल चल रहा है।
इमरान खान हैं गायब, सरकार चुप, शक और गहराया
इमरान खान कहां हैं? उनकी जान को खतरा है या उन्हें कहीं और शिफ्ट कर दिया गया?
सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है और संसद में हंगामा लगातार बढ़ता जा रहा है।
कानून मंत्री आजम नज़ीर तरार का बयान भी जिज्ञासा बढ़ाता है, जब उन्होंने कहा
क़ैदी नंबर 804 यानी इमरान खान को कुछ नहीं होगा, मैं गारंटी देता हूं।
लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि
- इमरान समर्थक सड़कों पर आ चुके हैं
- उनके निशाने पर सीधे आसिम मुनीर हैं
सत्ता का समीकरण उलझा — मुनीर फँसते दिख रहे हैं
सूत्र बताते हैं कि CDF (Chief of Defence Force) के नोटिफिकेशन में देरी ने मुनीर की परेशानियां बढ़ा दी हैं।
27 नवंबर को ऑर्डर जारी होना था अब तक फाइल आगे नहीं बढ़ी।
- प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ लंदन से तो लौट आए
- लेकिन इस्लामाबाद न जाकर सीधे लाहौर चले गए
- उधर मुनीर इस्लामाबाद में बैठकर इंतज़ार कर रहे हैं
मीडिया रिपोर्ट्स का दावा
नवाज़ शरीफ अपनी शर्त पर अड़े हुए हैं:
पहले इमरान को रास्ते से हटाओ, फिर प्रधानमंत्री की कुर्सी दो, तभी नोटिफिकेशन जारी होगा
यानी शाहबाज़ सरकार और नवाज़ के दबाव के बीच, मुनीर एक राजनीतिक जाल में फँस चुके हैं।
सेना में भी नाराज़गी, जनरल मुनीर पर दबाव दोगुना
CDF बनाने के फैसले को जल्दबाजी बताया जा रहा है। दो अन्य सेनाएं इसे सही नहीं मान रहीं।
सवाल उठ रहा है
क्या मुनीर को बलि का बकरा बनाया जा रहा है?
पूर्व मंत्री मिर्ज़ा शहज़ाद का कहना है:
इमरान को खत्म करने की जल्दी में सरकार ने मुनीर को मोहरा बनाया। पहले पद दिखाया, अब नोटिफिकेशन रोका—खेल हो गया मुनीर के साथ।
पाकिस्तान एक और तख्तापलट की दिशा में?
जर्नलिस्ट आस्मा शिराज़ी के शब्दों में
टाइमिंग बहुत कुछ बोल रही है। देश में सब सही नहीं चल रहा। सत्ता के लिए ऐसा संघर्ष पहले कभी नहीं देखा गया।
देश में
- नेतृत्व को लेकर लड़ाई
- सेना और सरकार के बीच टकराव
- जनता में गुस्सा
- इमरान की रहस्यमय चुप्पी
ये सभी बातें मिलकर कू (Coup) की संभावनाओं को हवा दे रही हैं।
नतीजा साफ है…
पाकिस्तान की राजनीति आज बारूद के ढेर पर बैठी है।
कौन आगे आएगा मुनीर या इमरान या फिर कोई तीसरी ताकत सरकार बदल देगी?
अगले कुछ दिन पाकिस्तान की दिशा तय करेंगे दुनिया की निगाहें इस अस्थिर पड़ोसी पर टिकी हैं।





















































































































































