आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए संघर्ष तेज़ हो गया है, और अब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बचे हुए दो मैचों से इस प्रतियोगिता के फाइनल की तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है। हालांकि, यह भी हो सकता है कि इन दोनों मैचों के बाद भी यह नहीं पता चल पाए कि फाइनल में कौन सी दो टीमें होंगी। फिर भी, हमें इस बात पर ध्यान देना है कि भारत को फाइनल में जगह बनाने के लिए क्या करना होगा। आइए, अब हम इस पूरे समीकरण को समझते हैं।
डब्ल्यूटीसी पॉइंट्स टेबल में साउथ अफ्रीका की स्थिति अगर हम वर्तमान में डब्ल्यूटीसी पॉइंट्स टेबल पर नजर डालें तो पाएंगे कि इस वक्त भारत और ऑस्ट्रेलिया टॉप पर नहीं हैं। साउथ अफ्रीका पहले स्थान पर काबिज है। साउथ अफ्रीका को पाकिस्तान के खिलाफ अपने घर में दो टेस्ट मैच खेलने हैं, और अगर साउथ अफ्रीका इनमें से एक भी मैच जीतने में सफल हो जाता है तो उसकी फाइनल में जगह पक्की हो जाएगी। यह उनके लिए इतना मुश्किल काम नहीं होगा। इसके बाद सिर्फ एक ही स्पॉट बचेगा, जिसे भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच किसी एक को ही हासिल करना होगा।
भारत के पास दो मैच बाकी, ऑस्ट्रेलिया से खेलेंगे मैच भारत के पास डब्ल्यूटीसी के इस सत्र में सिर्फ दो मैच बाकी हैं, और ये दोनों मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होंगे। वहीं, ऑस्ट्रेलिया को चार मैच खेलने हैं, जिनमें से दो भारत के खिलाफ होंगे, और बाकी दो मैच वे श्रीलंका के दौरे पर खेलेंगे। यदि भारत इन दोनों मैचों में जीत दर्ज करता है, तो वह फाइनल में अपनी जगह पक्की कर लेगा। हालांकि, अगर भारत एक मैच जीतता है और एक हारता है, तो स्थिति थोड़ी जटिल हो सकती है।
डब्ल्यूटीसी फाइनल का समीकरण फंसा हुआ अगर भारत और ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज के एक-एक मैच जीते, तो सीरीज बराबरी पर खत्म होगी, लेकिन डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिए मामला उलझ सकता है। न तो भारत फाइनल की रेस से बाहर होगा, न ही उसकी जगह पक्की हो पाएगी। इस स्थिति में श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली सीरीज का परिणाम अहम हो जाएगा। यदि श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को अपने घर में हराया, तो भारत के फाइनल में पहुंचने की संभावना बढ़ सकती है, भले ही श्रीलंका को इसका कोई फायदा न हो। फिलहाल, भारत का लक्ष्य यही है कि वह दोनों मैच जीतकर फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित करे। लेकिन अगर कोई समस्या आई, तो श्रीलंका की टीम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।




































































































































































































