UPI hits record scale: 24,162 crore transactions worth ₹314 lakh crore in FY26

नई दिल्ली। भारत सरकार ने डिजिटल भुगतान प्रणाली को सशक्त बनाने के अपने संकल्प को दोहराया है, खासकर नवाचार, सुरक्षा और समावेशन के क्षेत्र में। हाल ही में उभरते हुए वित्तीय आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (यूपीआई) ने वित्त वर्ष 2026 में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है, जिसने देश के डिजिटल लेनदेन के परिदृश्य को बदल कर रख दिया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, यूपीआई नेटवर्क पर कुल 24,162 करोड़ लेनदेन हुए, जिनका मूल्य लगभग 314 लाख करोड़ रुपये है। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में एक बड़ी छलांग है, जो डिजिटल अर्थव्यवस्था में बढ़ती भागीदारी और सरकार की कड़ी मेहनत का परिणाम है।

डिजिटल भुगतान के बढ़ते रुझान ने न केवल उपभोक्ताओं के लिए लेनदेन को सरल बनाया है, बल्कि छोटे व्यापारियों, किसान और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों तक भी वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दिया है। सरकार ने इस सफलता के पीछे यूपीआई की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को अहम बताया है।

वित्त मंत्रालय के अधिकारी बताते हैं कि यूपीआई के सुरक्षा मानकों को लगातार बेहतर किया जा रहा है ताकि उपयोगकर्ताओं का डेटा सुरक्षित रहे और धोखाधड़ी के संभावित जोखिम कम हों। इसके अलावा, सरकार ने विभिन्न डिजिटल वित्तीय सेवाओं को यूपीआई प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर भी जोर दिया है ताकि अधिक से अधिक क्षेत्र और वर्ग डिजिटल ट्रांजेक्शन से जुड़ सकें।

विशेषज्ञों का कहना है कि यूपीआई की इस सफलता में राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) की भूमिका महत्वपूर्ण रही है जिसने भुगतान तकनीक को विश्वसनीय और उपयोगकर्ता-मित्र बनाने की दिशा में निरंतर काम किया है। इस नए मील के पत्थर से संबंधित आंकड़े न केवल देश की आर्थिक प्रगति का संकेत देते हैं बल्कि भारत को वैश्विक डिजिटल भुगतान मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करते हैं।

सरकार द्वारा आगे बढ़ाए गए डिजिटल इंडिया मिशन के तहत, यूपीआई जैसे प्लेटफॉर्म को जोड़कर आर्थिक समावेशन को और बढ़ावा मिलेगा। भुगतान के यह उत्कृष्ट परिणाम डिजिटल लेनदेन के प्रति जनता का भरोसा बतलाते हैं और यह संकेत हैं कि भविष्य में भी यूपीआई का दायरा और प्रभाव बढ़ेगा।

अन्त में, यह कहा जा सकता है कि यूपीआई के माध्यम से भारत ने विश्व में डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जो न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा बल्कि वित्तीय लेनदेन को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और आसान बनाएगा।

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