नई दिल्ली: मंगलवार को ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (टीसीआई) के प्रबंध निदेशक, विनीत अग्रवाल ने पश्चिम एशिया संकट के कारण कई उद्योगों में गैस की खपत पर गहरा असर पड़ा है। उनका कहना है कि यह संकट आने वाले कुछ क्वार्टर में आर्थिक गतिविधियों तथा बाजारों पर व्यापक प्रभाव डालेगा।
विनीत अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमने कई ऐसे उद्योगों में व्यवधान देखा है जो गैस की खपत पर अधिक निर्भर हैं। इस संकट का असर न केवल इन उद्योगों की उत्पादन क्षमता पर पड़ा है, बल्कि सप्लाई चेन और लागत संरचना पर भी इसके गहरे निशान देखने को मिल रहे हैं।”
पश्चिम एशिया में जारी संकट के चलते ऊर्जा संसाधनों की पहुंच प्रभावित हुई है, जिससे प्राकृतिक गैस सहित कई अन्य महत्वपूर्ण वस्तुओं की कीमतों में तेजी आई है। यह स्थिति भारतीय उद्योगों के लिए एक चुनौती बनकर सामने आई है, विशेषकर वह क्षेत्र जो भारी मात्रा में गैस का उपयोग करते हैं, जैसे रसायन, उर्वरक, और पेट्रोलियम उद्योग।
विनीत अग्रवाल ने आगे कहा कि टीसीआई ने इस अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए अपनी लॉजिस्टिक्स तथा सप्लाई चेन रणनीतियों में बदलाव किया है ताकि ग्राहक कंपनियों को अधिक स्थिर और विश्वसनीय सेवाएं प्रदान की जा सकें। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि सरकार एवं उद्योग जगत मिलकर ऊर्जा संकट के प्रभाव को कम करने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।
विशेषज्ञों की नजर में, पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव से उबरने के लिए भारत को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की खोज और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने की दिशा में निवेश करने की आवश्यकता है। लंबे समय तक यह संकट ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता को जन्म दे सकता है, जिससे आर्थिक विकास की गति प्रभावित हो सकती है।
टीसीआई, जो देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स प्रदाताओं में से एक है, की भूमिका आगामी आर्थिक कठिनाइयों में काफी अहम रहेगी। विनीत अग्रवाल के अनुसार, कंपनी ने आपूर्ति श्रृंखला के विविधीकरण और नए मार्गों की तलाश पर विशेष जोर दिया है, जिससे संकट के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।
इस बीच, आर्थिक विश्लेषक भी इस बात पर सहमत हैं कि वैश्विक ऊर्जा संकट का असर धीरे-धीरे भारतीय बाजारों में दिखाई देगा, लेकिन उचित नीतिगत हस्तक्षेप से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। आगामी महीनों में इस क्षेत्र की निगरानी आवश्यक होगी ताकि संभावित जोखिमों से समय रहते निपटा जा सके।

















































