National Family Health Survey-6 findings | Complete coverage from The Hindu

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (NFHS-6) के हालिया परिणामों ने देश के विभिन्न राज्यों में स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, महिला एवं बाल विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रस्तुत की हैं। यह सर्वेक्षण सरकार तथा नीति निर्धारकों के लिए एक अहम दस्तावेज है, जो देशभर की जनसंख्या की स्वास्थ्य स्थिति पर गहराई से प्रकाश डालता है।

The Hindu द्वारा प्रदत्त रिपोर्ट के अनुसार, सर्वेक्षण में कई राज्यों में स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में सकारात्मक प्रगति देखने को मिली है, जबकि कुछ क्षेत्रों में चुनौतियां बरकरार हैं। सर्वेक्षण की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • स्तनपान और पोषण: राष्ट्रीय औसत के अनुसार शिशुओं का प्रारंभिक स्तनपान 80% से अधिक दर्ज किया गया है। हालांकि, कुछ पूर्वी राज्यों में यह प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा। बाल पोषण सुधार के लिए कई नई योजनाओं की भी सिफारिशें शामिल हैं।
  • परिवार नियोजन: कुल प्रजनन दर में कुछ राज्यों में कमी देखी गई है, जो परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ने का संकेत है। कॉन्ट्रासेप्टिव उपयोग में वृद्धि दर्ज हुई है, परंतु ग्रामीण एवं दूरदराज इलाकों में अभी भी सुधार की आवश्यकता बनी हुई है।
  • स्वास्थ्य सेवा का पहुंच: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की उपलब्धता में बढ़ोतरी देखी गई है, परंतु उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव के कारण कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर अधिक बनी हुई है।
  • महिलाओं की स्थिति: महिलाओं के शिक्षा स्तर और स्वास्थ्य सेवा उपलब्धता में सुधार हुआ है। लेकिन घरेलू हिंसा एवं महिलाओं की सामाजिक स्थिति में समानता के मुद्दे अभी भी चिंताजनक हैं।

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के ये निष्कर्ष सरकार को नियोजन और लागू नीतियां बेहतर बनाने में मदद करेंगे। साथ ही, स्वास्थ संबंधी असमानताओं को दूर करने एवं सभी वर्गों तक उचित स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाने के लिए आवश्यक रणनीतियों का निर्धारण भी आसान होगा।

सर्वेक्षण के परिणामों को ध्यान में रखते हुए, राज्यों को अपनी स्थानीय आवश्यकताओं एवं चुनौतियों के अनुसार अपने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यक्रमों को समायोजित करने की सलाह दी गई है। The Hindu की विस्तृत रिपोर्ट में हर राज्य की विस्तृत स्थिति प्रस्तुत की गई है, जो स्वास्थ्य सुधार के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी।

इस महत्वपूर्ण सर्वेक्षण की रिपोर्ट समाज के हर वर्ग के लिए जागरूकता एवं विकास का नया द्वार खोलती है, जिससे भारत स्वस्थ और समृद्ध राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा।

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