अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ ने इबोला से लड़ने के लिए छह महीने के लिए 518 मिलियन डॉलर की आपातकालीन योजना की घोषणा की है। इसके तहत अफ्रीका के कांगो गणराज्य में फैले इस घातक वायरस के संक्रमण को रोकने और नियंत्रण में लाने के व्यापक कदम उठाए जाएंगे।
अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (Africa CDC) की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक कांगो में 381 इतिहाससंदिग्ध इबोला के मामले पाए गए हैं, जिनमें से 62 मरीजों की मौत हो चुकी है। इस वायरस की तेजी से फैलती घटनाओं से निपटने के लिए डब्ल्यूएचओ ने संसाधनों का विशेष प्रबंध किया है।
इस योजना के मूल उद्देश्यों में संक्रमण की जांच, संक्रमित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं का विस्तार, टीकाकरण अभियानों का आयोजन, साथ ही स्थानीय लोगों को ईबोला के लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करना शामिल है। डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर इस संकट से निपटने के लिए समन्वित प्रयास बेहद आवश्यक हैं।
डब्ल्यूएचओ के महामारी नियंत्रण विभाग के प्रमुख ने बताया कि इस धनराशि का अधिकतम उपयोग तत्काल चिकित्सा सहायता पहुंचाने, निगरानी बढ़ाने, तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने में किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि समुदायों के सहयोग से ही इस वायरस के प्रसार को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है।
कांगो में पिछले कुछ महीनों में इबोला वायरस की दूसरी लहर ने स्वास्थ्य तंत्र को कड़ी चुनौती दी है। अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव और ग्रामीण इलाकों में जानकारी की कमी संक्रमण को फैलाने में अहम कारक रहे हैं। इसलिए इस वित्तीय योजना का मुख्य फोकस स्थानीय समुदायों तक पहुंच बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती प्रदान करने पर होगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि इस संकट से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ-साथ स्थायी विकास और बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी महामारियों से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।
डब्ल्यूएचओ की इस महत्वाकांक्षी योजना को कांगो सरकार और अन्य स्वास्थ्य एजेंसियों ने सहर्ष स्वीकार किया है और उन्होंने संयुक्त रूप से इस चुनौती से लड़ने के लिए तैयार रहने का भरोसा दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रयासों से उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इबोला के मामलों में कमी आयेगी और प्रभावित क्षेत्रों को सुरक्षित बनाया जा सकेगा।























































