Strength training over long-term associated with lower risk of death: Study

नई दिल्ली। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लंबे समय से माना है कि एरोबिक शारीरिक गतिविधियां यानी दिल की धड़कन बढ़ाने वाले व्यायाम जैसे दौड़ना, तड़पना या तेज़ चलना, मृत्यु के जोखिम को कम करने में मददगार हैं। लेकिन अब मसल स्ट्रेंथेनिंग एक्सरसाइज यानी माँसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायामों की भूमिका को लेकर नई समझ विकसित हो रही है। हाल ही में एक अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है कि लंबे समय तक मसल स्ट्रेंथेनिंग अभ्यास करने वालों में मृत्यु का जोखिम आर्थिक रूप से कम हो सकता है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि जबकि एरोबिक व्यायाम के स्वास्थ्य लाभों के बारे में व्यापक जानकारी मौजूद है, मसल स्ट्रेंथेनिंग के प्रभावों को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट नहीं थी। अध्ययन में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से भारी वजन उठाने, पुश-अप्स, स्क्वॉट्स जैसे व्यायाम करते हैं, उनमें हृदय रोग, मधुमेह और अन्य जीवनशैली संबंधी बीमारियों से जुड़ी मृत्यु दर कम देखी गई।

अध्ययन में यह भी बताया गया कि मसल स्ट्रेंथेनिंग व्यायाम न केवल मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं बल्कि शरीर की चयापचय दर को बढ़ाकर वजन नियंत्रण में भी मदद करते हैं। साथ ही यह हड्डियों को मजबूत बनाने, मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य सुधारने और आयु संबंधी कमजोरी को रोकने में सहायक हैं। इसलिए विशेषज्ञ यह सुझाव देते हैं कि सिर्फ कार्डियो की बजाय शारीरिक फिटनेस के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को भी अपनी दिनचर्या में शामिल किया जाना चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “मसल स्ट्रेंथेनिंग व्यायाम का स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव अब धीरे-धीरे स्पष्ट हो रहा है। इसकी नियमित प्रैक्टिस से न केवल शारीरिक क्षमता बढ़ती है, बल्कि दीर्घायु में भी सुधार होता है।” हालांकि विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि व्यायाम का प्रकार, अवधि और तीव्रता को ध्यान से चुना जाना चाहिए। किसी भी नई फिटनेस योजना को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना लाभकारी रहता है।

अन्ततः यह अध्ययन यह स्पष्ट करता है कि मसल स्ट्रेंथेनिंग एक्सरसाइज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य के लिए एरोबिक और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग दोनों का संतुलित अभ्यास करने से जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है और मृत्यु का जोखिम घटाया जा सकता है। ऐसे व्यायामों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर हर उम्र के लोग बेहतर स्वास्थ्य और दीर्घायु की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

Source

Please follow and like us:
X (Twitter)
Visit Us
Follow Me
Tags: