मंगलुरु, 27 अप्रैल: उत्तर कर्नाटक जिले के यल्लापुर तहसील के एक किसान श्रमिक की मंगलुरु में H1N1 संक्रमण के कारण मृत्यु हो गई है। मरीज को बुखार की शिकायत के चलते निजी क्लिनिक में इलाज के लिए लाया गया था, जहां बाद में उनकी पुष्टि हुई कि वे H1N1 वायरस से संक्रमित थे।
सरकारी स्वास्थ्य विभाग ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक की उम्र लगभग 45 वर्ष थी और वह पिछले कुछ दिनों से बुखार और अन्य सामान्य लक्षणों से पीड़ित था। परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने प्रारंभिक इलाज एक निजी अस्पताल में कराया था, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होने पर मरीज को आगे के इलाज के लिए मंगलुरु के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, H1N1 वायरस प्रायः सांस से संबंधित परेशानी पैदा करता है और समय रहते उचित इलाज न मिलने पर गंभीर स्थिति उत्पन्न कर सकता है। कोरोना महामारी के बाद भी ऐसे वायरस से सावधानी बरतना बेहद आवश्यक है, खासकर जहां पर लोगों का घना आवास हो।
यल्लापुर तहसील के अधिकारी भी मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के इलाकों में स्वास्थ्य जांच और जागरूकता अभियान चला रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे बुखार जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाकर जांच कराएं और इलाज शुरू कराएं।
संसदीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस घटना पर चिंता जताई है और सभी लोगों से सुरक्षा उपाय अपनाने, मास्क पहनने तथा हाथ धोने जैसे स्वच्छता नियमों का पालन करने की सलाह दी है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और H1N1 के प्रसार को रोकने के लिए कदम उठाने का निर्देश भी दिया है।
स्थानीय अस्पतालों ने भी जहां मरीजों के लिए परीक्षण सुविधाएं बढ़ाई हैं, वहीं कोरोना के साथ-साथ अन्य वायरल संक्रमणों के प्रति भी सतर्क रहने को कहा है। H1N1 को लेकर चिकित्सक आम जन मन को सचेत कर रहे हैं कि किसी भी प्रकार के वायरल लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि स्वास्थ्य सुरक्षा में सतर्कता और समय पर इलाज कितना महत्वपूर्ण है। उत्तर कर्नाटक सहित आसपास के क्षेत्रों में इस प्रकार के मामलों को लेकर सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता है।
अंततः स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय है कि खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए कोविड नियमों के साथ-साथ वायरल फ्लू के लक्षणों पर भी ध्यान देना अनिवार्य है। जल्द से जल्द जांच और इलाज के द्वारा इन संक्रमणों को नियंत्रित किया जा सकता है।




















































































