असम के बारपेटा जिले में प्रथम रेफरल यूनिट के अध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष रणजीत कुमार दास ने राज्य सरकार को एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा संबंधी सलाह दी है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल से आग्रह किया है कि इस प्रणाली को पूरे राज्य के सभी सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में लागू किया जाए। इस सुझाव का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है, खासकर उन महिलाओं के प्रति जो तीन से अधिक संतान की माता हैं।
रणजीत कुमार दास के अनुसार, वर्तमान में बारपेटा जिले में यह नीति लागू की गई है कि तीन से अधिक बच्चों वाली महिलाओं को मुफ्त डायग्नोस्टिक सेवाएं प्रदान नहीं की जाएंगी। उनका मानना है कि इस प्रणाली को पूरे राज्य में लागू किया जाना चाहिए, ताकि संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो सके और परिवार नियोजन को बढ़ावा मिले।
स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है, लेकिन संसाधनों के उचित उपयोग के लिए कुछ नियम और नीतियाँ बनाए जाना जरुरी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस नीति का उद्देश्य किसी भी महिला को असुगमता पहुँचाना नहीं है, बल्कि परिवार नियोजन के महत्व को समझाना है ताकि अत्यधिक जनसंख्या वृद्धि को रोका जा सके।
असम में इस पहल को लेकर विभिन्न पक्षों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। समर्थक इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में एक रणनीतिक कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ आलोचकों ने इसे महिलाओं के अधिकारों और स्वास्थ्य सेवा लैंगिक समानता के संदर्भ में चिंता का विषय बताया है। उन्होंने कहा है कि मुफ्त सेवाओं का होना आवश्यक है ताकि किसी भी महिला को अपनी संख्या के आधार पर सेवाओं से वंचित न किया जाए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समुदाय में जागरूकता और संसाधनों का न्यायसंगत वितरण आवश्यक है। इस बीच, असम सरकार जल्द ही इस प्रस्ताव पर विस्तृत समीक्षा करेगी और सभी हितधारकों से सलाह लेकर निर्णय लेगी। यह फैसला राज्य की सामाजिक और स्वास्थ्य नीतियों में एक नया अध्याय साबित हो सकता है, जो महिलाओं की भलाई और जनसंख्या नियंत्रण दोनों में समन्वय स्थापित करेगा।
राज्य सरकार की योजना है कि इस प्रणाली के प्रभावों का आंकलन करते हुए यदि इसे सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में लागू किया जाता है, तो यह न केवल सेवा वितरण में प्रभावशीलता लाएगा बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र में दीर्घकालीन सुधार का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।




















































































