नई दिल्ली। भारत में इबोला वायरस संक्रमण से जुड़ी चिंताओं को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा है कि अब तक देश में कोई भी इबोला वायरस का मामला रिपोर्ट नहीं हुआ है। इसके साथ ही मंत्री ने विभिन्न मंत्रालयों और संबंधित एजेंसियों के साथ संयुक्त बैठक कर संक्रमण के खतरे से निपटने के लिए तैयारियों की समीक्षा की।
सरकार की जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने एक संयुक्त समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की जिसमें विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और एजेंसियों के अधिकारी मौजूद थे। इस बैठक का उद्देश्य समन्वय बढ़ाना और संक्रमण रोकने के लिए उचित तैयारियों को मजबूत करना था।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि देश के प्रमुख हवाई अड्डों और सीमा क्षेत्रों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। इबोला वायरस के संभावित प्रवेश को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था कड़ी की गई है। साथ ही, उपचार केंद्रों में आवश्यक दवाइयों और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
बैठक में वर्तमान वैश्विक स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित पक्षों ने संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण के लिए त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करने पर बल दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “हम किसी भी आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार हैं और नागरिकों का स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग अन्य देशों के साथ भी संवाद बनाए हुए है ताकि इबोला से जुड़ी जानकारी का आदान-प्रदान निरंतर हो सके और संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इबोला वायरस ने कई देशों को प्रभावित किया है, लेकिन भारत सरकार इसके संक्रमण को रोकने के लिए सतत प्रयास कर रही है। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे भ्रमित न हों और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन करें।
इस प्रकार, भारत में इबोला वायरस से जुड़े मामलों को रोकने तथा संक्रमण की स्थिति पर पूरी नजर रखने के लिए सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय पर निपटा जा सके।





























