Kerala mulls boosting stroke treatment network via hub-and-spoke model

तिरुवनंतपुरम, 27 अप्रैलः केरल के स्वास्थ्य मंत्री ने हाल ही में एक कॉलिंग अटेंशन मोशन के जवाब में कहा है कि राज्य में कोविड के बाद स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हालांकि स्ट्रोक के मामलों में तेजी आई है, लेकिन इसके पीछे के कारणों को पूरी तरह से समझने के लिए और अधिक व्यापक क्लिनिकल अध्ययन की आवश्यकता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “कोरोना महामारी के बाद स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि वास्तव में चिंताजनक है, परंतु इस पर निर्णायक निष्कर्ष निकालने के लिए अभी और अध्ययन आवश्यक हैं। हमें इस पर वैज्ञानिक आधार पर काम करना होगा ताकि हमारे स्वास्थ्य संसाधनों का उचित प्रबंधन हो सके।”

उन्होंने कहा कि सरकार इस समस्या से निपटने के लिए तत्पर है और स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न पहल की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि स्ट्रोक उपचार के लिए बेहतर नेटवर्क व्यवस्था बनाने की योजना भी बनाई जा रही है, जिसमें मरीजों को त्वरित व प्रभावी इलाज मिल सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 के बाद शरीर में रक्त के थक्के बनने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, यह किस हद तक कोरोना का प्रभाव है और किन अन्य कारकों का योगदान है, इसे समझने के लिए बड़े पैमाने पर शोध आवश्यक है।

केरल में सार्वजनिक स्वास्थ्य आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में अस्पतालों में स्ट्रोक से जुड़ी शिकायतों में वृद्धि हुई है, परन्तु इस वृद्धि का पूर्ण विश्लेषण अभी किया जाना बाकी है। स्वास्थ्य मंत्री ने सभी चिकित्सा संस्थानों से आग्रह किया है कि वे इस विषय पर डेटा संग्रह और साझा करने में सहयोग करें ताकि ज्यादा सटीक रिपोर्ट तैयार की जा सके।

सरकार का यह भी कहना है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूत करने के लिए विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। स्ट्रोक उपचार के लिए विशेष केंद्रों की स्थापना और हब-एंड-स्पोक मॉडल के माध्यम से एक व्यापक नेटवर्क तैयार करने का प्रस्ताव विचाराधीन है, जिससे रोगियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

कोविड-19 महामारी ने स्वास्थ्य व्यवस्था के समक्ष अनेक चुनौतियां प्रस्तुत की हैं, और राज्य सरकार इसको समझते हुए रणनीति बना रही है ताकि न केवल वर्तमान संकट का सामना किया जा सके, बल्कि भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति के लिए तैयार भी रहा जा सके।

सरकार का लक्ष्य है कि केरल में प्रत्येक नागरिक को उचित, समय पर और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हो, विशेषकर जटिल बीमारियों जैसे स्ट्रोक के मामले में। स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर इस दिशा में कठोर मेहनत जारी रहेगी।

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