नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय बैडमिंटन टीम के पूर्व खिलाड़ी और मुख्य राष्ट्रीय कोच पी.वी. गोपीचंद ने हाल ही में अपनी नई पुस्तक “द लॉन्जेविटी कोड” के माध्यम से लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन के बीच गहरे संबंध पर प्रकाश डाला है। यह पुस्तक उनके सहयोगी, प्रसिद्ध चिकित्सक-वैज्ञानिक डॉ. सोफिया पठाई के साथ मिलकर लिखी गई है।
गोपीचंद ने एक साक्षात्कार में कहा कि केवल लंबी उम्र जीना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वह जीवन गुणवत्ता के साथ होना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी पुस्तक में बताई गई बातें वैज्ञानिक तथ्यों और व्यक्तिगत अनुभवों का समन्वय हैं, जो स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं।
“द लॉन्जेविटी कोड” में उन्होंने आहार, व्यायाम, मानसिक स्वास्थ्य और जीवनशैली के विभिन्न पहलुओं की चर्चा की है। गोपीचंद ने यह भी बताया कि कैसे एक खिलाड़ी के रूप में उनके अनुशासन और रोजमर्रा की आदतें बीमारी से लड़ने और स्वस्थ रहने में मददगार रहीं।
डॉ. सोफिया पठाई ने पुस्तक के माध्यम से आयुर्विज्ञान के नवीनतम शोधों को आम जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से न केवल दीर्घायु होती है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी सुधरती है।
गोपीचंद का मानना है कि युवाओं को खेल और स्वास्थ्य के महत्व को समझना चाहिए और अपनी दिनचर्या में उसे शामिल करना चाहिए। उनका यह भी कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी उतना ही आवश्यक है जितना कि शारीरिक स्वास्थ्य पर।
देश में तेजी से बढ़ रही जीवन प्रत्याशा के बीच इस तरह की पुस्तक न सिर्फ महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पाठकों को स्वस्थ, सक्रिय और खुशहाल जीवन जीने की प्रेरणा भी देती है। गोपीचंद और डॉ. पठाई की यह पुस्तक खेल, स्वास्थ्य और विज्ञान के समन्वय से बने जीवन के सूत्र प्रदान करती है, जो हर किसी के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
अंत में गोपीचंद ने सभी से आग्रह किया कि वे अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव कर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनें और इस पुस्तक के माध्यम से दी गई सलाहों को अपनाएं ताकि वे न केवल लंबे, बल्कि स्वस्थ जीवन का आनंद ले सकें।







































