World Blood Cancer Day: Experts highlight India’s donor gap, call for strengthening stem cell donor registry

विश्व रक्त कैंसर दिवस के मौके पर विशेषज्ञों ने भारत में रक्त और स्टेम सेल दान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा है कि मेट्रोपोलिटन शहरों में रक्त स्टेम सेल दान के प्रति जागरूकता तो बढ़ी है, लेकिन टियर-2 तथा टियर-3 शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में दाता पंजीकरण अभी भी अपेक्षाकृत कम है।

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि रक्त कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों से लड़ने में स्टेम सेल दान अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि स्टेम सेल प्रत्यारोपण से कई रोगियों को जीवनदान मिलता है। हालांकि, जागरूकता और सुविधाओं में असमानता के कारण छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में दान में घटोतरी देखी जा रही है, जिससे मरीजों के लिए आवश्यक स्टेम सेल उपलब्धता में कमी आ रही है।

डोनर रजिस्ट्री की संख्या बढ़ाने के लिए विशेषज्ञों ने सरकार और स्वास्थ्य संस्थानों से आग्रह किया है कि वे जागरूकता अभियानों का प्रसार करें, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां लोग अभी भी इसके बारे में कम जानते हैं। उन्होंने कहा, “डोनर रजिस्ट्री को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है ताकि हर मरीज को सही समय पर स्टेम सेल ट्रांसप्लांट मिल सके।”

साथ ही, विभिन्न सामाजिक तथा डिजिटल माध्यमों के जरिए रक्त और स्टेम सेल दान के महत्व को लोगों तक पहुंचाना जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों को भी प्रशिक्षित करके दान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।

खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां अस्पतालों की सुविधा सीमित है, वहां मोबाइल वैन और कैंप के माध्यम से दाता पंजीकरण और रक्त जांच के अभियान चलाए जाने चाहिए। इससे दाताओं को दान के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा और रक्त कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में मदद मिलेगी।

विश्व रक्त कैंसर दिवस पर यह अपील की गई है कि सभी नागरिक रक्त और स्टेम सेल दान के प्रति गंभीर और जागरूक हों, ताकि जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान प्रदान किया जा सके। साथ ही सामाजिक एवं सरकारी स्तर पर मिलकर ऐसी रणनीतियाँ बनानी होंगी जिससे भारत की डोनर रजिस्ट्री को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना संभव हो।

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