Uganda national in Bengaluru tests negative for Ebola; no confirmed case in India: Health Ministry

बेंगलुरु। स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में अभी तक इबोला वायरस का कोई पुष्टि केस नहीं मिला है। यह जानकारी तब आई जब 28 वर्षीय एक महिला, जो यूगांडा की नागरिक है, बेंगलुरु में इबोला परीक्षण में निगेटिव पाई गई।

मिली जानकारी के अनुसार, यह महिला हल्के लक्षण जैसे शरीर में दर्द महसूस होने पर 26 मई को एक होटल से सरकारी संचालित एपिडेमिक डिजीज हॉस्पिटल में भर्ती कराई गई थी। उसकी हालत लगातार नजर रखे जाने के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने उसके रक्त परीक्षण कराए थे। परीक्षण परिणाम निगेटिव आने पर राहत की सांस ली गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि महिला को तुरंत संक्रमण के शक में अस्पताल में भर्ती कराया गया था ताकि किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। उसकी जांच में किसी भी तरह के इबोला वायरस के संक्रमण के संकेत नहीं मिले।

मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि इबोला जैसी गंभीर बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए सतर्कता से काम लिया जा रहा है। राज्य एवं केंद्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के संपर्क में आने वाले लोगों को भी पहचाना जा रहा है।

भारत सरकार ने पिछले कुछ समय से आयतित बीमारियों के साथ-साथ महामारी की रोकथाम हेतु सचेत रहने और जांच उन्नत करने के निर्देश जारी किए हैं। केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को भी हर संभव संसाधन मुहैया कराने के लिए कहा है ताकि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

विशेषज्ञों ने कहा कि इबोला वायरस ज्वर मुख्यतः संक्रमित रक्त या शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है। इसलिए, किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से सीधे संपर्क से बचाव और स्वस्थ्य नियमों का कड़ाई से पालन करना अत्यंत आवश्यक है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध स्थिति होने पर त्वरित तौर पर स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें। साथ ही, समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि इबोला वायरस की गंभीरता और उसके संभावित खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने सीमा सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निगरानी तंत्र को और सुदृढ़ किया है। यात्रियों के स्वास्थ्य की जांच तेज कर दी गई है ताकि महामारी रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा सकें।

इस पूरे मामले में स्वास्थ्य अधिकारियों की तत्परता और सिस्टम की जवाबदेही को लेकर विशेषज्ञों ने सकारात्मक टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि शुरुआती सतर्कता ने भारत को इबोला वायरस से सुरक्षित रखने में मदद की है।

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