The Hindu Huddle on Campus to be held at Khaja Bandanawaz University on May 26

खाजा बंदनवाज विश्वविद्यालय में ‘‘ध्यान भंग और डूमस्क्रोलिंग युग: छात्र व्यवहार और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव’’ विषयक कार्यक्रम

खाजा बंदनवाज विश्वविद्यालय में 26 मई 2024 को ‘‘द हिन्दू हडल ऑन कैंपस’’ नामक एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन छात्रों की मानसिक सेहत और उनके व्यवहार पर आने वाले आधुनिक डिजिटल युग के प्रभावों पर केंद्रित होगा, खासतौर पर ‘‘ध्यान भंग (Age of Distraction)’’ और ‘‘डूमस्क्रोलिंग (Doomscrolling)’’ की प्रवृत्ति को समझने के लिए।

डूमस्क्रोलिंग से आशय तब होता है जब किसी व्यक्ति की मानसिकता नकारात्मक खबरों को लगातार और बिना रुके पढ़ने या स्क्रोल करते रहने की होती है, जिससे तनाव, चिंता और अवसाद में वृद्धि होने लगती है। इस पर आधारित इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ और मनोवैज्ञानिक विद्यार्थियों के समक्ष इस विषय पर अपने विचार और अनुसंधान प्रस्तुत करेंगे।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है कि छात्रों को डिजिटल युग की चुनौतियों से सजग कर उनकी मानसिक सेहत की सुरक्षा की दिशा में जागरूकता बढ़ाई जाए। मनोवैज्ञानिक डॉ. आरती शर्मा ने बताया कि लगातार सोशल मीडिया और नकारात्मक सूचनाओं के कारण युवा वर्ग मानसिक स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है। इसलिए ऐसी पहलें बेहद जरूरी हैं जो इन्हें सही मार्गदर्शन दे सकें।

‘‘द हिन्दू हडल ऑन कैंपस’’ में छात्रों के साथ-साथ शिक्षकगण, शोधकर्ता, और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रभावित विषयों पर कार्यशालाएं, पैनल चर्चाएं और प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्रों को व्यावहारिक उपाय और सलाह प्रदान की जा सके।

खाजा बंदनवाज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एम. हबीबुल्ला ने कहा कि युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस तरह के कार्यक्रम इस दिशा में साहसिक कदम हैं, जो छात्र समुदाय को डिजिटल दुनिया के दुष्प्रभावों से बचाने में मदद करेंगे।

विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, इस आयोजन से उम्मीद है कि छात्र अपनी दिनचर्या में अनुशासन बनाए रखेंगे तथा तकनीकी माध्यमों का स्वास्थ्यवर्धक उपयोग करेंगे। साथ ही, यह उन्हें अपने मानसिक तनाव को नियंत्रित करने की क्षमता भी देगा।

इस कार्यक्रम से जुड़े अन्य विवरण और पंजीकरण जानकारी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। छात्र-छात्राओं से आग्रह है कि वे इस सुनहरी अवसर का लाभ उठाएं और अपने मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाएं।

Source

Please follow and like us:
X (Twitter)
Visit Us
Follow Me