नई दिल्ली। सरकार ने कैंसर उपचार में उपयोग की जाने वाली कुछ प्रमुख दवाओं – सिसप्लाटिन और कार्बोप्लाटिन – की अधिकतम कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। इससे इन दवाओं की कमी को पूरा करने और मरीजों तक उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय नियंत्रक मूल्य आयोग (NPPA) ने सिसप्लाटिन की कीमत प्रति मिलीलीटर ₹7.26 से बढ़ाकर ₹10.89 कर दी है। इसी प्रकार, कार्बोप्लाटिन की कीमत भी ₹60.49 प्रति मिलीलीटर से बढ़ाकर ₹90.74 कर दी गई है। ये मूल्य टैक्स को छोड़कर तय किए गए हैं। NPPA के अनुसार यह कदम दवाओं की आपूर्ति में सुधार तथा आवश्यकता को देखते हुए लिया गया है।
सिसप्लाटिन और कार्बोप्लाटिन का उपयोग सामान्यतः कैंसर के विभिन्न प्रकारों के उपचार में कीमोथेरेपी के तौर पर किया जाता है। इन दवाओं की मांग में हाल के समय में वृद्धि और उत्पादन सीमाओं के कारण कमी देखने को मिली थी, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मूल्य सीमा बढ़ाने का उद्देश्य दवा निर्माताओं को उत्पादन बढ़ाने और बाजार में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित करना है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि दवाओं के बढ़े हुए मूल्य के कारण वह कुछ मरीजों के लिए आर्थिक बोझ बढ़ेगा, लेकिन अस्थायी रूप से यह कदम दवाओं की कमी को समाप्त करने में मददगार होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक इस बढ़ोतरी के बावजूद भारत में दवाओं की कीमतें अन्य विकसित देशों की तुलना में अभी भी काफी सस्ती हैं।
यह बदलाव तब आया है जब सरकार ने भारत में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए दवाओं की उपलब्धता और किफायती कीमतों को लेकर विशेष ध्यान देना शुरू किया है। विभिन्न राज्य सरकारें भी अपनी स्वास्थ्य नीतियों में इन दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही हैं।
इस फैसले के बाद दवा कंपनियों को उम्मीद है कि वे बेहतर उत्पादन कर पाएंगी और बाजार में कमी की समस्या जल्द खत्म हो जाएगी। मरीजों और उनके परिजनों को हालांकि अलर्ट किया गया है कि कीमतों में वृद्धि के कारण प्रारंभिक असर पड़ सकता है, लेकिन दीर्घकालिक रूप से यह सुधारकारी कदम साबित होगा।
सरकार की यह पहल देश में कैंसर रोगियों के लिए आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो स्वास्थ्य सुरक्षा और जीवन रक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत आवश्यक थी।
अधिक जानकारी और अपडेट के लिए संबंधित स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक चैनलों और प्रेस विज्ञप्तियों की जांच करें।

































































