IND-A tri-series | Competing in 50-over format will prepare India-A players for the rigours of ODI cricket: Joshi
  • June 13, 2026
  • Navrashtra Bharat Desk
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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच और विशेषज्ञ खिलाड़ियों के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले राहुल जोशी ने हाल ही में कहा है कि इंडियन ए टीम द्वारा खेले जा रहे 50-ओवर प्रारूप की त्रि-श्रृंखला भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। जोशी के अनुसार, इस प्रारूप में मुकाबले खेलने से युवा भारतीय ए खिलाड़ी वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट की कड़ी प्रतिस्पर्धा और शारीरिक एवं मानसिक चुनौतियों के लिए बेहतर तैयार होंगे।

उन्होंने बताया कि 50-ओवर का प्रारूप तकनीकी, रणनीतिक और मानसिक कौशल का समावेश करता है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने के लिए आवश्यक होता है। ‘‘जब युवा खिलाड़ी घरेलू स्तर से ऊपर उठकर ए और फिर राष्ट्रीय टीम में आने की तैयारी करते हैं, तो उन्हें ज्यादा दिनों तक टिके रहना और स्थिति के अनुसार अपने खेल में बदलाव करना सीखना होता है। यह त्रि-श्रृंखला ऐसी परिस्थितियों को साकार करती है जो वनडे क्रिकेट के हिसाब से बिल्कुल उपयुक्त हैं।’’ जोशी ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा।

IND-A की त्रि-श्रृंखला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के विकास कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसमें युवा खिलाड़ियों को अधिक मैच अनुभव प्रदान किया जाता है ताकि वे उच्च स्तर के मुकाबलों में संभावित निपुणता हासिल कर सकें। इस बार की त्रि-श्रृंखला में भारत A के साथ दो अन्य विदेशी ए टीमों का भी समावेश है, जो इस प्रतियोगिता को और प्रतिस्पर्धात्मक बना देगा।

जोशी ने आगे बताया कि टीम प्रबंधन ने इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को खेल की विविध तकनीकी और मानसिक चुनौतियों के प्रति जागरूक किया है। ‘‘खास तौर पर गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच रणनीतिक तालमेल पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा, फिटनेस और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता भी बढ़ाने पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि यह त्रि-श्रृंखला खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय की तरफ कदम बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि यहां प्रदर्शन को बहुत बारीकी से देखा जाता है। ‘‘जो खिलाड़ी यहां अच्छा प्रदर्शन करते हैं, उन्हें भविष्य में भारतीय टीम में शामिल होने के बेहतर मौके मिलते हैं। इसीलिए यह टूर्नामेंट युवा प्रतिभाओं के लिए बहुत बड़ा मंच है।’’

अंत में, जोशी ने खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ दोनों को इस टूर्नामेंट के महत्व को समझने और पूरी प्रतिबद्धता के साथ खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल टीम के खिलाड़ियों के विकास में सहायक हैं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य को भी उज्जवल बनाते हैं।

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