Top tennis players to limit media appearances at Wimbledon as protest over prize money continues
  • June 25, 2026
  • Navrashtra Bharat Desk
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इस वर्ष फ्रेंच ओपन से शुरू हुई पुरस्कार राशि को लेकर टेनिस खिलाड़ियों की नाराज़गी अब भी जारी है। खिलाड़ियों ने इस तथ्य पर चिंता जताई है कि इस ग्रास कोर्ट प्रतियोगिता के कुल राजस्व का केवल 14.3% ही पुरस्कार राशि के रूप में दिया जाता है। इस विरोध प्रदर्शन का असर आगामी विम्बलडन टूर्नामेंट में देखने को मिलेगा, जहाँ शीर्ष टेनिस खिलाड़ी मीडिया के सामने कम दिखाई देंगे।

खिलाड़ियों का मानना है कि टेनिस के प्रति उनका समर्पण और उनके प्रदर्शन के अनुरूप उन्हें न्यायसंगत पुरस्कार राशि मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि मीडिया से दूरी बनाकर वे इस विषय पर अपना विरोध जताएंगे ताकि पूरे विश्व और खेल प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित हो।

विम्बलडन में इस कदम को लेकर प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच मिश्रित प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। कुछ के अनुसार यह कार्रवाई खिलाड़ियों का सही अधिकार है, जबकि अन्य इसे खेल की लोकप्रियता और प्रशंसकों के संबंध में चिंताजनक मानते हैं।

खिलाड़ियों का विवादित मुद्दा पुरस्कार राशि पर केंद्रित है, जो खेल मार्केटिंग और विज्ञापन के माध्यम से बन रही बड़ी आय का केवल एक छोटा हिस्सा ही उन्हें मिलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खेल में प्रतिस्पर्धा को बनाए रखना है तो खिलाड़ियों के मुनाफे की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए आवश्यक बदलाव करने होंगे।

फ्रेंच ओपन में इस प्रदर्शन ने व्यापक चर्चा को जन्म दिया था, जिससे अब विश्व के अन्य मेजर टेनिस टूर्नामेंट भी प्रभावित हो रहे हैं। विम्बलडन आयोजकों को उम्मीद है कि वे खिलाड़ियों और खेल प्रबंधन के बीच संतुलन बनाए रखेंगे ताकि खेल में स्थिरता बनी रहे।

इस पूरे विवाद से यह स्पष्ट होता है कि टेनिस में आर्थिक न्याय और पारदर्शिता की मांग दिन-ब-दिन तेज होती जा रही है। खिलाड़ी, प्रशंसक और व्यवस्थापक मिलकर इस दिशा में काम करें तो ही खेल का भविष्य उज्जवल हो सकता है।

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