पेरिस, 27 अप्रैल 2024: आगामी फ्रेंच ओपन 2026 को लेकर खिलाड़ियों और टेनिस ग्रैंड स्लैम आयोजकों के बीच विवाद तीव्र हो गया है। प्रमुख खिलाड़ियों ने ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स पर अपनी चिंताओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। खिलाड़ियों का कहना है कि टूर्नामेंट आयोजक और टेनिस के नियंत्रण करने वाली संस्थाएं खिलाड़ियों के हितों को पर्याप्त महत्व नहीं दे रही हैं, जिससे खेल के महत्त्वपूर्ण हितों पर सवाल उठ रहे हैं।
टॉप खिलाड़ी विशेष रूप से रैवन्यू शेयरिंग की असमानता और संवाद की कमी को लेकर असंतुष्टि जता रहे हैं। खिलाड़ियों का मानना है कि बड़ी संख्या में राजस्व का वितरण केवल आयोजकों और खेल की गवर्निंग बॉडीज तक सीमित रह जाता है, जबकि खिलाड़ियों के लिए उचित आर्थिक लाभ सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है।
एक खिलाड़ी ने बताया, “हम चाहते हैं कि ग्रैंड स्लैम्स और अन्य बड़े टूर्नामेंट खिलाड़ी हितों को प्राथमिकता दें। केवल संवाद की कमी ही नहीं बल्कि आर्थिक असमानताएं भी खिलाड़ी समुदाय को अस्थिर कर रही हैं। हमें उम्मीद है कि आगामी टूर्नामेंट में इस दिशा में सुधार होगा।”
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय टेनिस जगत में एक बड़ी चुनौती यह है कि खिलाड़ी, आयोजक और नियंत्रण संस्थाएं एक साथ मिलकर खेल की संरचना को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाएं। कई शीर्ष खिलाड़ी टूर्नामेंट की संभावित विभाजन को लेकर भी आगाह कर रहे हैं और सभी गवर्निंग बॉडीज तथा टूर्नामेंट आयोजकों के बीच एकजुटता की अपील कर रहे हैं।
एक वरिष्ठ खेल विश्लेषक ने कहा, “अगर इस विभाजन को रोकना है तो सभी पक्षों का संवाद और सहयोग अनिवार्य है। खिलाड़ी अपनी मांगों के माध्यम से खेल के भविष्य को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं। यह स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और समावेशी टेनिस के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।”
फ्रेंच ओपन 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट के निकट आने के साथ, खिलाड़ियों की ये मांगें टेनिस प्रशंसकों, आयोजकों और खिलाड़ियों के बीच महत्वपूर्ण विषय बन गए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस तनावपूर्ण स्थिति को हल करने के लिए किस प्रकार के कदम उठाए जाते हैं और क्या खिलाड़ी समुदाय को उनकी मांगों का उचित समाधान मिल पाता है।


















































































