नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट के वर्तमान चरण में भारतीय ग्रैंडमास्टर रॉबर्ट प्रग्नानंधा ने विश्व चैंपियन मMagnus कार्लसन को एक बार फिर पराजित करते हुए अपनी टॉप पोजीशन को मजबूत किया है। इस जीत के बाद प्रग्नानंधा प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
टूर्नामेंट के इस वक्त प्रग्नानंधा ने अपने एक साक्षात्कार में कहा, “यह मेरे लिए इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है कि मैं इस टूर्नामेंट में जीत हासिल करूँ, बजाय इसके कि मैं मMagnus से जीतूँ। यकीनन मMagnus को हराना खास होता है, लेकिन इस चरण में किसी भी खेल को जीतना ज़्यादा महत्वपूर्ण है।”
प्रग्नानंधा की यह समझदारी और कड़ी मेहनत उन्हें विश्व शतरंज के सबसे प्रतिष्ठित खिलाड़ियों में स्थापित कर रही है। युवा ग्रैंडमास्टर ने बेहतरीन रणनीति और धैर्य के साथ खेला, जिसने उन्हें इस महत्वपूर्ण मैच में विजयी बनाया।
कार्लसन, जो पहले भी कई बार विश्व शतरंज के शिखर पर रहे हैं, इस बार भी कतई साधारण प्रतिद्वंदी साबित नहीं हुए। उन्होंने कई मोर्चों पर दबाव बनाए रखा, लेकिन प्रग्नानंधा की मैच योजना और फोकस ने बाज़ी पलट दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रग्नानंधा की यह जीत न केवल उनके आत्मविश्वास में वृद्धि करेगी, बल्कि नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट की प्रतिस्पर्धा को भी और रोमांचक बना देगी। टूर्नामेंट के अन्य खिलाड़ी भी अब इस युवा भारतीय ग्रैंडमास्टर को गंभीर चुनौती के रूप में देख रहे हैं।
प्रग्नानंधा ने इस जीत के बाद कहा कि वह प्रत्येक गेम को पूरी ऊर्जा और सोच-समझ के साथ खेलते हैं, और हर मुकाबला उनके लिए सीखने और बेहतर होने का अवसर होता है। उनका यह नजरिया उन्हें आगामी मुकाबलों में और भी सफल बना सकता है।
नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट का रोमांच अब अपने चरम पर पहुंच चुका है, और प्रग्नानंधा जैसी प्रतिभा के लिए यह भविष्य के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत है। क्रिकेट के बाद अब शतरंज में भी भारत तेजी से उभरता एक बड़ा नाम तैयार हो रहा है।








































































































