Fearsome dinosaur-era marine reptile was T. rex of the sea

नई दिल्ली। डायनासोर और समुद्री जीवन के इतिहास में बड़े रहस्यों को उजागर करते हुए हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक नए तथ्य का खुलासा किया है। पता चला है कि जहा एक ओर विशाल डायनासोर टी. रेक्स थे, वहीं समुद्र में विशालकाय मोसासौर नामक समुद्री सरीसृप भी मौजूद थे, हालांकि ये दोनों कभी एक ही समय में नहीं रहे।

टी. रेक्स (Tyrannosaurus rex) माना जाता है डायनासोरों का सबसे शक्तिशाली शिकारी, जो लगभग 68 से 66 मिलियन वर्ष पहले क्रेटेशियस युग में रहता था। दूसरी ओर मोसासौर, जो कि एक विशाल समुद्री सरीसृप था, लगभग उसी समय अन्य पूर्वजों के रूप में उपस्थित था लेकिन दोनों कभी एक साथ अस्तित्व में नहीं थे।

वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, मोसासौर के पूर्वजों का युग टी. रेक्स से कुछ समय पहले का माना गया है। इसका मतलब है कि ये विशाल समुद्री जीव और अलग-अलग प्रकार के डायनासोर, विशेषकर टी. रेक्स, एक ही कालखंड में नहीं रहे। फिर भी मोसासौर को ‘समुद्र का टी. रेक्स’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह समुद्री शिकारी भी उतना ही भयंकर था जितना कि टी. रेक्स धरती पर।

फॉसिल रिकॉर्ड और आधुनिक अनुसंधान के जरिए पता चला है कि मोसासौर लगभग 7 मीटर से लेकर 15 मीटर तक लंबा हो सकता था और इसका शरीर समुद्र में तेज गति से तैरने के लिए अनुकूलित था। यह अपने शिकारियों को पकड़ने और मौत की सजा देने में किसी से कम न था।

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह समझना आवश्यक है कि पृथ्वी का विकास और जीवों का अस्तित्व कितना जटिल और विस्तृत है। जहा एक तरफ विशाल मांसाहारी डायनासोरों का काल था, वहीं महासागरों में भी उतनी ही भयंकर से भयंकर जीव मंडराते थे।

इस अध्ययन से न केवल डायनासोरों के इतिहास को समझने में मदद मिलती है, बल्कि हम यह भी जान पाते हैं कि जीवाश्म विज्ञान कैसे हमें पृथ्वी के प्राचीनतम जीवन रूपों के बारे में सटीक जानकारी दे सकता है। यह शोध जीव विज्ञान के छात्रों और इतिहास प्रेमियों के लिए भी अत्यंत उपयोगी साबित होगा।

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