Deaths in Brazil raise concerns about India’s dengue vaccine, DengiAll

ब्राज़ील में डेंगूवैक्सीन के गंभीर दुष्प्रभावों के मामले ने भारत में डेंगूऑल को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। कोविड-19 के बाद डेंगू का प्रकोप भी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए चुनौती बनता जा रहा है। ब्राज़ील के अधिकारियों ने बताया कि आधे मिलियन से अधिक टीकाकरण के दौरान केवल 42 गंभीर प्रतिकूल घटनाएं, यानी 0.008%, ही दर्ज की गई हैं, जो जनसंख्या स्तर पर एक बेहद कम जोखिम को दर्शाता है।

ब्राज़ील में स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, टीकाकरण के दुष्प्रभावों की संख्या बहुत कम है, लेकिन एक भी जीवन की हानि उसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। “व्यक्तिगत स्तर पर, एक जीवन की भी हानि, गंभीर प्रतिकूल घटना के कारण, बहुत बड़ी चिंतन का विषय है,” अधिकारियों ने स्पष्ट किया।

डेंगूऑल, जो भारत में विकसित एक डेंगू वैक्सीन है, पहले भी डेंगू से लड़ने के लिए एक भूमिका निभाने की उम्मीदों के बीच नई चुनौतियाँ देख रहा है। विशेषज्ञों ने कहा है कि ब्राज़ील के अनुभव से हमें सावधानी बरतनी होगी और वैक्सीन के हर संभावित दुष्प्रभाव की गहन जांच करनी होगी।

डेंगू से प्रभावित देशों में वैक्सीन अभियान तेजी से चलाए जा रहे हैं, लेकिन साथ ही निगरानी भी बढ़ाई गई है ताकि किसी भी अप्रत्याशित घटना को तुरंत नियंत्रित किया जा सके। भारत सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी कहा है कि वे डेंगूऑल की प्रभावशीलता और सुरक्षा को लेकर पूर्ण सतर्कता बरत रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि टीकों की सफलता केवल व्यापक जनचेतना और सतत शोध के साथ संभव है। साथ ही, गंभीर प्रतिकूल घटनाओं के मामलों को लेकर पारदर्शिता आवश्यक है ताकि जनता का विश्वास बना रहे।

ब्राज़ील के आंकड़े बताते हैं कि जबकि बड़े स्तर पर टीकाकरण सुरक्षित है, फिर भी व्यक्तिगत स्तर पर हर एक जीवन की अहमियत है। इसलिए किसी भी दुष्प्रभाव की समीक्षा में गड़बड़ी या लापरवाही नहीं बरती जा सकती। भारत में इस संदर्भ में लगी सावधानी और कड़े मानकों की अहमियत और बढ़ जाती है।

डेंगू पर नियंत्रण पाने के लिए वैक्सीनेशन एक महत्वपूर्ण कदम होगा, लेकिन इसके साथ-साथ व्यापक जनजागरूकता, पर्यावरणीय प्रबंधन और उचित निदान की भी आवश्यकता होगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे वैक्सीन से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों का ही सहारा लें और अफवाहों से बचें।

डेंगू जैसी बीमारियों से निपटने के लिए वैक्सीन का विकास और उसके सुरक्षित उपयोग से ही भविष्य में इस महामारी को नियंत्रित करने में सफलता मिलेगी। ब्राज़ील के मामले ने यह दिखाया है कि जोखिम लगभग नगण्य है, लेकिन सतर्कता कभी कम नहीं होनी चाहिए।

Source

Please follow and like us:
X (Twitter)
Visit Us
Follow Me