बेंगलुरु में आयोजित ब्रिक्स सदस्यों की अंतरिक्ष एजेंसियों की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को शुरू हो गई। इस बैठक में ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों के अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रमुख और वरिष्ठ प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। यह बैठक ब्रिक्स देशों के बीच अंतरिक्ष सहयोग को मजबूत करने और साझा परियोजनाओं की रूपरेखा तय करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
बैठक में उपस्थित सदस्य देशों ने अपनी-अपनी अंतरिक्ष प्रगति और आगामी योजनाओं पर चर्चा की। वे इस क्षेत्र में तकनीकी सहयोग, संसाधनों का आदान-प्रदान और संयुक्त विज्ञान अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बैठक के दौरान अनेक तकनीकी मुद्दों, पर्यावरण निगरानी, उपग्रह प्रक्षेपण, और अंतरिक्ष विज्ञान में आपसी सहायता पर विचार विमर्श हुआ।
ब्रिक्स देशों का उद्देश्य है कि वे आपसी सहयोग से अंतरिक्ष क्षेत्र में नई खोजों और नवाचारों को बढ़ावा दें। बेंगलुरु में इस बैठक के आयोजन से भारत की अंतरिक्ष क्षमता और वैश्विक नेतृत्व को भी बल मिला है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) के प्रतिनिधि बैठक के संचालन में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।
इतिहास में ब्रिक्स देशों ने कई बार अंतरिक्ष तकनीक में सहयोग किया है, जिसमें उपग्रह प्रक्षेपण मिशन और वैज्ञानिक डेटा साझा करना शामिल है। इस बैठक के बाद नई परियोजनाओं और समझौतों का भी ऐलान हो सकता है, जो सदस्य देशों की अंतरिक्ष ताकत को और बढ़ाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिक्स देशों की यह पहल वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करेगी और सदस्य देशों के बीच सहयोग की नई राहें खोलेगी। इस दौरान, विभिन्न कार्य समूह भी बनाए जाएंगे जो आगामी वर्षों में सहयोग के अलग-अलग पहलुओं पर काम करेंगे।





























































































