Biggest challenge for Sooryavanshi is coping with failures: Upton
  • June 18, 2026
  • Navrashtra Bharat Desk
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नई दिल्ली। प्रसिद्ध मानसिक-प्रशिक्षक के अनुसार, युवा खिलाड़ी सूर्या सूर्यवंशी के लिए सबसे बड़ी चुनौती क्रिकेट के मैदान पर नहीं बल्कि असफलताओं का सामना करना है। यह मानसिक लड़ाई उनके लिए सबसे कठिन साबित हो सकती है।

मनोरंजन जगत और खेल जगत में अक्सर सफलता की कहानियां ही सुनने को मिलती हैं, लेकिन असफलताओं से निपटना किसी भी खिलाड़ी की मानसिक मजबूती और करियर की अहम कसौटी होती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि युवाओं के लिए खासकर यह चुनौती और भी बड़ी हो जाती है क्योंकि वे अभी अपने करियर के शुरुआती दौर में होते हैं।

अपटन, जो कि एक अनुभवी मानसिक-प्रशिक्षक हैं, ने कहा कि सूर्या सूर्यवंशी की असली लड़ाई क्रिकेट के मैदान से बाहर छुपी हुई है। भविष्य में अगर वह अपने मानसिक दबाव को सही तरीके से संभाल पाते हैं तो निश्चित ही उनकी सफलता की कहानी लंबी और प्रेरणादायक होगी।

सूर्यवंशी की खेल प्रतिभा तथा कड़ी मेहनत की तारीफ कई विशेषज्ञों ने की है, परंतु यह भी माना जाता है कि उनकी मानसिक स्थिति में स्थिरता लाना उनके लिए सफलता का द्वार खोल सकता है। अपटन के अनुसार, मानसिक चुनौतियों से लड़ना और उन्हें हराना ही एक खिलाड़ी को महान बनाता है।

इस संदर्भ में, भारत में खेल मानसिकता पर ध्यान अधिक से अधिक दिया जा रहा है ताकि युवा खिलाड़ियों को मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह बेहतर समर्थन मिले। कोचिंग टीमों के साथ मिलकर ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं जिससे खिलाड़ी न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बन सकें।

अंततः, सूर्या सूर्यवंशी की कहानी युवा खिलाड़ियों के लिए एक उदाहरण बनेगी कि केवल बल्लेबाजी और गेंदबाजी ही पूरी कहानी नहीं होती, बल्कि मानसिक तैयारी ही उन्हें दूसरों से अलग और अडिग बनाती है। अपटन के विचारों को स्वीकार करते हुए, यह स्पष्ट हो जाता है कि खेल में सफलता के लिए मात्र कौशल ही नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती भी उतनी ही जरूरी है।

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