Biggest challenge for Sooryavanshi is coping with failures: Upton
  • June 18, 2026
  • Navrashtra Bharat Desk
  • 0

सूर्यवंशी के लिए असफलताओं से लड़ना सबसे बड़ी चुनौती साबित हो रही है, ऐसा मानते हैं उनके मेंटल कंडीशनिंग कोच डेविड अप्टन। क्रिकेट जगत में युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक मजबूती पर लंबे समय से काम कर रहे अप्टन ने बताया कि सूर्यवंशी की सबसे बड़ी जंग मैदान से बाहर ही हो सकती है।

हाल के वर्षों में युवा क्रिकेटरों पर दबाव बढ़ा है और अप्टन का मानना है कि खेल में प्रतिभा के साथ-साथ मानसिक मजबूती भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी को जब असफलताएं मिलती हैं, तो उनसे प्रभावी ढंग से निपटना सीखना अत्यंत आवश्यक होता है। यही उनके करियर की सबसे बड़ी परीक्षा होती है।”

अप्टन ने यह भी कहा कि क्रिकेट केवल शारीरिक खेल नहीं है, बल्कि यह मानसिक संघर्ष का मैदान भी है। युवा खिलाड़ी अक्सर मानसिक दबाव के कारण अपनी क्षमता से कम प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने आगे जोड़ा, “मैं सूर्यवंशी को यही सलाह देता हूं कि वह हर असफलता को नए अवसर के रूप में देखें और उससे सीखें। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे बेहतर खिलाड़ी बनेंगे।”

इसके साथ ही अप्टन ने कहा कि परिवार, कोच और टीम का सहयोग भी जरूरी होता है ताकि खिलाड़ियों को मानसिक स्थिरता मिले। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि खिलाड़ियों को समय-समय पर पेशेवर मेंटल कंडीशनिंग की सहायता लेनी चाहिए जिससे वे हर परिस्थिति में खुद को संभाल सकें।

सूर्यवंशी के खेल में आने वाली परेशानियों और उनके प्रति अप्टन के नजरिये ने यह स्पष्ट किया कि खेल में सफल होने के लिए केवल तकनीकी कौशल ही काफी नहीं होता, बल्कि मानसिक मजबूती भी उतनी ही जरूरी है। अप्टन की यह सलाह युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणादायक मार्गदर्शन साबित हो सकती है।

Source

Please follow and like us:
X (Twitter)
Visit Us
Follow Me