Kerala Budget: UDF govt’s plan to shift IFFK to Kochi may face technical hurdles, including losing accreditation

तिरुवनंतपुरम: केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम ने आईएफएफके (इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ केरल) के पिछले 30 संस्करणों की मेजबानी की है, जो क्षेत्र के सांस्कृतिक और फिल्मी माहौल का अहम हिस्सा बन चुका है। हाल ही में, यूडीएफ सरकार ने इस प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सव को तिरुवनंतपुरम से कोच्चि स्थानांतरित करने की योजना बनाई है, लेकिन इस निर्णय के साथ कई तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियां भी जुड़ी हुई हैं।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, कोच्चि में आईएफएफके के अतिथियों, सहभागी कलाकारों और फिल्म प्रेमियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं, लेकिन इस दौरान कुछ जरूरी मानकों को पूरा करने में दिक्कतें सामने आ सकती हैं। प्रमुख समस्या यह है कि यदि आयोजन को तकनीकी तौर पर सुचारू रूप से संचालित नहीं किया गया तो आईएफएफके अपनी अंतरराष्ट्रीय मान्यता खो सकता है, जो कि पिछले तीन दशकों से इसे एक विशिष्ट स्थान दिला रही है।

राज्य सरकार ने कोच्चि स्थानांतरण के पीछे की मुख्य वजहों में बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क तथा बड़े स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा देना बताया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल कोच्चि में आईएफएफके की मेजबानी के लिए आवश्यक तकनीकी मानक और व्यवस्थाएं पूरी तरह से तैयार नहीं हैं। यही वजह है कि इस योजना को तकनीकी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है।

आईएफएफके के आयोजकों ने भी इस बदलाव को लेकर अपनी चिंताएं जताई हैं। उनका कहना है कि तिरुवनंतपुरम की पहचान से जुड़ा हुआ यह महोत्सव वहां के स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार स्थानीय समुदायों और फिल्म जगत के साथ इस निर्णय पर पुनः विचार करेगी और आयोजनों की गुणवत्ता को बनाए रखने पर विशेष ध्यान देगी।

दूसरी ओर, कोच्चि नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं बनानी शुरू कर दी हैं। उन्होंने कहा है कि स्थानीय सुविधाओं में सुधार किया जाएगा और तकनीकी स्टाफ की भर्ती करके कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी बनाने का प्रयास होगा।

आईएफएफके के सफल आयोजन के लिए कम से कम छह महीने की तैयारी आवश्यक मानी जाती है, जिसमें फिल्म निविदाओं की समीक्षा, प्रतिभागियों का चयन, स्थल सुरक्षा, तकनीकी उपकरण, और मीडिया कवरेज शामिल हैं। कोच्चि में इन तमाम प्रबंधन कार्यों को सुचारू रूप से करने में समय तथा संसाधनों की कमी एक बड़ी बाधा के रूप में खड़ी हो सकती है।

इस तरह, केरल बजट के इस महत्वपूर्ण हिस्से में आईएफएफके के स्थल परिवर्तन की योजना को लेकर विभिन्न पक्षों की आपसी समझ और कार्यनीतियों का तालमेल आवश्यक है ताकि इस संपूर्ण सांस्कृतिक महोत्सव को आने वाले वर्षों में उसी ऊंचाई पर बनाए रखा जा सके।

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