नई दिल्ली। द हिंदू हडल कार्यक्रम का समापन एक उत्कृष्ट संगीत प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसमें पूर्व राजदूत और साउथ एशियन सिंफनी फाउंडेशन (SASF) की संस्थापक निरुपमा राव ने सांस्कृतिक और कूटनीतिक अनुभवों को संगीत के माध्यम से साझा किया। इस कार्यक्रम में श्रीलंकाई पियानोवादक साउंडरी डेविड रोड्रिगो ने उनकी कला को संपूर्णता प्रदान की, जिससे शाम का माहौल और भी यादगार बन गया।
निरुपमा राव, जिनका कूटनीति में लंबा अनुभव रहा है, ने इस अवसर पर अपने गीतों के माध्यम से संबन्धों, संवाद और सांस्कृतिक सहयोग के महत्व को दर्शाया। उन्होंने बताया कि किस तरह संगीत संवाद का एक सशक्त माध्यम है, जो देशों और संस्कृतियों के बीच पुल का काम करता है।
साउथ एशियन सिंफनी फाउंडेशन की संस्थापक के रूप में, राव ने दक्षिण एशिया की सांस्कृतिक विविधताओं और सामूहिकता को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। उनका मानना है कि संगीत के जरिए सभी देश अपनी कहानियां और भावनाएं साझा कर सकते हैं, जो कूटनीति में एक सकारात्मक भूमिका निभाता है।
श्रीलंकाई पियानोवादक साउंडरी डेविड रोड्रिगो के संगत ने प्रस्तुतियों को एक नई ऊर्जा और रंग प्रदान किया, जो दर्शकों ने खुले दिल से स्वीकार किया। दोनों कलाकारों ने संगीत के माध्यम से इस क्षेत्र की खुशहाल साझेदारी और सौहार्द्र का भाव जागृत किया।
द हिंदू हडल ने इस आयोजन के जरिए न केवल कला और संगीत को सम्मानित किया, बल्कि यह दर्शाया कि पूर्व राजनयिक भी कला के क्षेत्र में गहरा योगदान दे सकते हैं। निरुपमा राव की यह प्रस्तुति निश्चित रूप से उस शाम के मुख्य आकर्षणों में से एक रही, जिसने कार्यक्रम समाप्ति को एक यादगार और प्रेरणादायक अनुभव में बदल दिया।
इस आयोजन में उपस्थित लोगों ने भी इसकी प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में शांति, समरसता और संवाद को बढ़ावा देते हैं। निरुपमा राव का संगीत और उनकी यात्रा सभी के लिए प्रेरणादायक रही, जो किसी भी तरह से विश्व समुदाय के बीच बेहतर समझ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।










































































































