चेन्नई: भारत के खिलाफ खेलने में खास दिलचस्पी रखने वाले न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज़ डैरिल मिचेल ने एक बार फिर अपनी क्लास साबित की। तीन मैचों की वनडे सीरीज़ के दूसरे मुकाबले में मिचेल की नाबाद शतकीय पारी की बदौलत न्यूज़ीलैंड ने भारत को सात विकेट से हराकर सीरीज़ 1-1 से बराबर कर ली।
मुश्किल पिच पर टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी भारतीय टीम ने संभलकर शुरुआत की और निर्धारित 50 ओवरों में 284 रन बनाए। लक्ष्य बड़ा था, लेकिन मिचेल ने स्पिन के खिलाफ अपनी बेहतरीन तकनीक से भारतीय गेंदबाज़ों की एक न चलने दी।
मिचेल–यंग की साझेदारी ने बदला मैच
लक्ष्य का पीछा करते हुए मिचेल को विल यंग का शानदार साथ मिला। यंग ने संयम और स्पष्ट रणनीति के साथ 98 गेंदों में 87 रन बनाए। दोनों के बीच 162 रनों की अहम साझेदारी हुई, जिसे कुलदीप यादव ने तोड़ा। हालांकि, यह दिन भारतीय स्पिनरों के लिए खास नहीं रहा।
स्पिन के खिलाफ मिचेल का मास्टरक्लास
मैच के असली सूत्रधार मिचेल ही रहे। 34 वर्षीय बल्लेबाज़ ने स्पिनरों को पढ़ने और उनका फायदा उठाने की अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने स्वीप, पैडल शॉट, सीधे लंबे शॉट और ऑफ साइड के गैप्स का खुलकर इस्तेमाल किया। अपने कुल रनों में से 68 रन उन्होंने भारत के दोनों मुख्य स्पिनरों के खिलाफ बनाए, जिससे उनकी गेंदबाज़ी पूरी तरह बेअसर दिखी।
फिलिप्स ने दिलाई जीत की मुहर
मिचेल के बाद ग्लेन फिलिप्स ने तेज़ रनिंग और आक्रामक शॉट्स के साथ जीत को आसान बना दिया। न्यूज़ीलैंड ने 47.3 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया।
भारत के लिए चिंता और राहत
भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता स्पिन विभाग का प्रदर्शन रहा। आने वाले बड़े टूर्नामेंट को देखते हुए टीम संयोजन पर दोबारा विचार किया जा सकता है। हालांकि, बल्लेबाज़ी में निरंतरता राहत की बात रही। कुछ दिन पहले केएल राहुल ने मैच जिताऊ पारी खेली थी और इस मुकाबले में भी उन्होंने नाबाद शतक जमाकर अपनी शानदार फॉर्म दिखाई।
नज़रें निर्णायक मुकाबले पर
इस मुकाबले का पूरा श्रेय डैरिल मिचेल को जाता है, जिन्होंने दबाव में भी धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। अब सीरीज़ का फैसला रविवार को इंदौर में खेले जाने वाले तीसरे और निर्णायक वनडे में होगा।
संक्षिप्त स्कोर:
भारत 284/7 (50 ओवर)
न्यूज़ीलैंड 286/3 (47.3 ओवर)











































































