भारत को सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता” देश के ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बेहतर बनाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। आज जब हम आशा कार्यकर्ताओं के योगदान को देखते हैं, तो यह स्पष्ट होता है कि उन्हें पुरुष समकक्ष की भी आवश्यकता है जो समान रूप से ग्रामीण समाज में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और सेवाओं का विस्तार कर सके।जैसे आशा (ASHA) कार्यकर्ता हर गांव में महिलाओं की स्वास्थ्य देखभाल के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी बन चुकी हैं, वैसा ही एक पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता “अशोक” हर गांव का हिस्सा बन सकता है। पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता की तैनाती से कई ऐसी सामाजिक और सांस्कृतिक बाधाएं दूर हो सकती हैं, जो पुरुषों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं।वर्तमान में, अधिकांश स्वास्थ्य सेवाएं और जागरूकता अभियान महिलाओं के लिए केंद्रित
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