नि:शुल्क ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा में अद्वितीय योगदान के लिए ‘Force for Good Hero’ चुने गए डॉ. रमन किशोर
पटना। बिहार की मिट्टी ने हमेशा ऐसे रत्न दिए हैं, जो अपनी मेहनत और मानव सेवा से देश का सिर ऊँचा करते हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ‘गांव का डॉक्टर’ डॉ. रमन किशोर को कौन बनेगा करोड़पति के मंच पर विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
अमिताभ बच्चन ने उन्हें Force for Good Heroes की श्रेणी में सम्मानित किया। यह सम्मान उन लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज और सकारात्मक बदलाव के लिए समर्पित कर दिया है।

सम्मान के दौरान अमिताभ बच्चन ने कहा-“एक युवा डॉक्टर द्वारा अपनी सैलरी के पैसे से ग्रामीण भारत तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना वाकई अद्भुत और प्रेरक है।”
बिहार का गर्व: 40,000 मरीजों का मुफ्त इलाजडॉ. रमन किशोर अब तक 40,000 से अधिक ग्रामीण मरीजों का निःशुल्क उपचार कर चुके हैं।दवाइयाँ, जाँच और परामर्श—सब कुछ वे अपनी कमाई से देते हैं, ताकि किसी गरीब का उपचार सिर्फ पैसे की कमी के कारण न रुके।
AIIMS पटना से MD, पर दिल गांव के साथडॉ. रमन वर्तमान में ESIC मेडिकल कॉलेज, बिहटा में सरकारी डॉक्टर हैं और अपनी MD की पढ़ाई AIIMS पटना से पूरी कर चुके हैं। शहर की चकाचौंध छोड़कर उन्होंने अपना जीवन वहीं समर्पित किया, जहाँ जरूरत सबसे ज्यादा थी बिहार के गाँवों में।

माँ को खोने का दर्द बना जीवन का संकल्पसमय पर इलाज न मिलने के कारण माँ को खोने के बाद उन्होंने ठान लिया कि कोई और बेटा अपनी माँ को इलाज के अभाव में न खोए।
यही दर्द आगे चलकर उनके जीवन का उद्देश्य बन गया।
6 वर्षों से हर रविवार निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा कोई निजी प्रैक्टिस नहीं
पिछले छह वर्षों से वे हर रविवार और छुट्टी के दिन दूरस्थ गाँवों में जाकर निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएँ दे रहे हैं। अपनी सरकारी सैलरी का 70–80% हिस्सा वे ग्रामीणों की दवाइयों और इलाज पर खर्च करते हैं।
जनऔषधि केंद्र से दवाइयाँ खरीदकर उन्हें मुफ्त में वितरित करते हैं। और सबसे प्रेरणादायक बातउन्होंने जीवनभर निजी प्रैक्टिस न करने का संकल्प लिया है। उनकी पूरी चिकित्सा सेवा केवल समाज को समर्पित है।
राष्ट्रीय मंच पर गूँजी बिहार की सेवा की कहानीKBC में मिला यह सम्मान केवल एक डॉक्टर की उपलब्धि नहीं, बल्कि बिहार के सेवा-भाव, जज़्बे और मानवीय मूल्यों की जीत है। डॉ. रमन किशोर आज न सिर्फ बिहार का गौरव हैं, बल्कि पूरे भारत के सच्चे ‘Force for Good Hero’ बन चुके हैं।







