शनिवार को शास्त्रों में विशेष महत्व दिया गया है। यह दिन कर्मफल दाता शनिदेव और संकटों से रक्षा करने वाले भगवान भैरव को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष और लाल किताब के अनुसार शनिवार का स्वभाव अनुशासन और न्याय से जुड़ा है। इस दिन संयम, सेवा और नियमों का पालन करने से जीवन में स्थिरता, सम्मान और सुख की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि शनिवार को कुछ कार्यों से बचना और कुछ विशेष उपायों को नियमित रूप से अपनाना भाग्य परिवर्तन का कारण बन सकता है।
शनिवार को करें ये 12 अचूक उपाय
1. तिलक धारण करें
शनिवार की सुबह या पूजा के समय माथे पर भस्म, विभूति या लाल चंदन का तिलक लगाएँ। इससे मानसिक शांति मिलती है।
2. भैरव उपासना करें
भगवान भैरव की विधिवत पूजा करें। सामर्थ्य हो तो मंदिर में मदिरा का दान भी किया जा सकता है।
3. पीपल की पूजा
शाम के समय पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करें और तिल के तेल का दीपक जलाएँ। यह प्रयोग लगातार 11 शनिवार करने से विशेष फल मिलता है।
4. मंत्र लेखन
रात्रि में अनार की कलम से भोजपत्र पर ‘ॐ ह्वीं’ मंत्र लिखकर पूजा करें। इससे बुद्धि और विद्या में वृद्धि होती है।
5. छाया दान
कांसे की कटोरी में सरसों का तेल भरकर उसमें अपनी परछाईं देखें और उस तेल का दान कर दें। यह शनि पीड़ा शांत करने का प्रभावी उपाय माना जाता है।
6. जीव सेवा
कौवे को रोटी, काले कुत्ते और काली गाय को भोजन दें तथा पक्षियों के लिए दाना रखें।
7. जरूरतमंदों की सहायता
अंधे, अपंग, सफाईकर्मी और सेवाभावी लोगों के साथ सम्मान और विनम्रता रखें। जूते या सामर्थ्य अनुसार दान करें।
8. भोजन दान
तेल से बने भोजन जरूरतमंदों को खिलाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।
9. व्यापार संबंधी कार्य
तेल, पेट्रोल, कोयला, लकड़ी और सीमेंट से जुड़े व्यापार के लिए शनिवार शुभ माना गया है।
10. निर्माण कार्य
भवन निर्माण की शुरुआत या तकनीकी एवं शल्य चिकित्सा से जुड़े कार्यों के लिए यह दिन अनुकूल माना जाता है।
11. यात्रा दिशा
नैऋत्य, पश्चिम और दक्षिण दिशा में यात्रा करना लाभदायक रहता है।
12. बाधा निवारण का विशेष उपाय
किसी शुभ मुहूर्त में अपनी लंबाई के बराबर लाल रेशमी धागा नापकर उसे बरगद के पत्ते पर लपेटें। मनोकामना कहकर बहते जल में प्रवाहित करें। इससे जीवन की रुकावटें दूर होने की मान्यता है।
शनिवार को भूलकर भी न करें ये 5 काम
1. नशे से दूर रहें
शनिवार को शराब या अन्य नशा करना अशुभ माना जाता है, इससे मानसिक और पारिवारिक अशांति बढ़ती है।
2. भोजन में संयम रखें
इस दिन अपने भोजन में तेल का प्रयोग न करना लाभकारी माना गया है।
3. ससुराल विदाई से बचें
शनिवार को दामाद या पुत्र को ससुराल भेजने से बचना चाहिए।
4. कुछ वस्तुओं की खरीद न करें
तेल, लकड़ी, नमक, कोयला और लोहे की वस्तुएँ शनिवार को घर लाने से कार्यों में बाधा आने की मान्यता है।
5. दिशाशूल से बचाव
पूर्व, उत्तर और ईशान दिशा की यात्रा से यथासंभव बचें।
एक महत्वपूर्ण संदेश
शनिवार केवल दंड का नहीं, बल्कि क्षमा और आत्मचिंतन का भी दिन है। इस दिन अपने जाने-अनजाने हुए कर्मों के लिए ईश्वर से क्षमा माँगना और सच्चे मन से सुधार का संकल्प लेना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
शनिवार को संयम, सेवा और श्रद्धा के साथ बिताया गया हर पल जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।












