हरियाली तीज का पर्व इस बार पावन चिन्तन धारा आश्रम के स्त्री प्रकल्प सनातन वूमेन द्वारा बेहद भव्य और आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। श्री गुरुमाँ डॉ. कविता अस्थाना जी के दिव्य सानिध्य में आयोजित इस उत्सव में नारी शक्ति का उत्साह और सांस्कृतिक रंग देखते ही बन रहा था।
कार्यक्रम की शुरुआत शिव पूजन से हुई, जहाँ महिलाओं ने अपने जीवनसाथियों की लंबी उम्र, सौभाग्य और समृद्धि की कामना की। सावन की हरियाली के साथ जुड़ा यह पर्व आश्रम परिसर में जीवंत हो उठा जब महिलाओं और बच्चियों ने पारंपरिक हरे वस्त्र पहनकर उत्सव में भाग लिया।
आलता की लालिमा, मेहंदी की खुशबू, झूले की रुनझुन, लोकगीतों की मिठास और पारंपरिक नृत्यों की छवि ने पूरे माहौल को आनंदमय बना दिया। महिलाओं ने हिंडोला झूला और विभिन्न सांस्कृतिक गीतों पर झूमते हुए सावन की खुशियों को पूरे मन से महसूस किया।
इस विशेष तीज महोत्सव के दौरान सनातन वूमेन द्वारा मनोरंजक खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। इन खेलों में भाग लेने वाली महिलाओं ने हर्षोल्लास के साथ भागीदारी निभाई। प्रतियोगिताओं में विजेता रही बहनों को श्री गुरुमाँ द्वारा विशेष उपहार भी भेंट किए गए, जो सभी के लिए एक प्रेरणा और प्रेम का प्रतीक बने।
यह तीज केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि मातृशक्ति के उल्लास, आपसी स्नेह और नारी गरिमा के उत्सव का प्रतीक बन गया। गीत, खेल, नृत्य और रंग-बिरंगे भारतीय परिधानों से सजी महिलाएं और बच्चियां आश्रम को जीवंतता से भरती रहीं।
फरीदाबाद, गुड़गांव, गाजियाबाद, नोएडा, राजस्थान, दिल्ली और मेरठ से पधारीं 100 से अधिक मातृशक्तियों ने इस आयोजन को भव्यता प्रदान की और तीज के इस आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं आनंदमयी पर्व को अविस्मरणीय बना दिया।












